महागुनपुरम में दूषित पानी से हड़कंप, 50 से अधिक लोग बीमार: स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच!
12 अक्टूबर से दूषित आ रहा पानी
रेजिडेंट्स ने जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत

NEWS1UP
भूमेश शर्मा
गाजियाबाद। एनएच-9 स्थित महागुनपुरम सोसायटी में बीते कुछ दिनों से दूषित पानी की सप्लाई से हड़कंप मचा हुआ है। दूषित पानी पीने से 50 से अधिक लोग बीमार हो गए हैं, जिनमें बच्चों और बुजुर्गों की संख्या अधिक बताई जा रही है। रेजिडेंट्स ने इस बाबत जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के मुताबिक सोसायटी के एक टावर भागीरथी में पीने का पानी दूषित आ रहा है।
12 अक्टूबर से मिल रहा गंदा पानी
सोसायटी निवासियों के अनुसार, 12 अक्टूबर से ही पीने के पानी में गंदगी आने लगी थी। लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद एओए (अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन) ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके चलते अब कई परिवारों को पेट संबंधी संक्रमण हो गया है।

सीनियर सिटीजन उद्देश्वर चौहान ने बताया-
“हमारे घर के दो सदस्य दस्त और बुखार से पीड़ित हैं। डॉक्टर का कहना है कि ये संक्रमण गंदा पानी पीने से हुआ है। समझ नहीं आता हर बार पानी को लेकर दिक्कत क्यों आती है।”
बच्चे बीमार, परिवारों में चिंता

रेजिडेंट कुंदन कुमार को अपने बेटे को अस्पताल ले जाना पड़ा। उन्होंने कहा-
“बच्चे को दस्त, बुखार और उल्टी है। प्रशासन को सख्त कदम उठाना चाहिए, वरना ये स्थिति और बिगड़ जाएगी।”

इसी तरह वैभव अग्रवाल ने बताया कि उनके बेटे विहान को भी पेट में इन्फेक्शन हो गया है। उन्होंने चिंता जताई कि संक्रमण कहीं फैल न जाए।

सुमित अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने 12 अक्टूबर को ही एओए को पानी की गंदगी की जानकारी दी थी, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं हुई।
एओए का बयान: जांच के लिए पत्र लिखा गया
एओए अध्यक्ष यशपाल यादव ने कहा कि एक टॉवर में पानी दूषित होने की शिकायत मिलते ही उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखकर जांच की मांग की थी। उनका यह भी दवा है कि पानी की टंकी कुछ दिन पहले ही साफ करायी गयी थी। उन्होंने कहा-
“जिला मलेरिया अधिकारी को सूचित किया गया है, पानी के सैंपल ले लिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग जो भी निर्देश देगा, उसका पालन किया जाएगा।”
स्वास्थ्य विभाग सक्रिय, रिपोर्ट का इंतजार
जिला मलेरिया अधिकारी ज्ञानेंद्र मिश्रा ने बताया कि पानी के सैंपल एकत्र कर लैब में भेजे गए हैं-
“रिपोर्ट आने के बाद उचित कदम उठाए जाएंगे। अभी तक किसी के बीमार होने की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। अगर जांच में पुष्टि हुई तो सख्त कार्रवाई होगी।”
पुरानी घटना की यादें ताज़ा
करीब दो वर्ष पहले भी एन एच नौ की एक और सोसायटी में दूषित पानी से दर्जनों लोग बीमार हो गए थे। तब जांच में पानी की टंकी से गंदगी और मृत पक्षी मिले थे। महागुनपुरम सोसायटी रेजिडेंट्स का कहना है कि अब कोई वादा नहीं बल्कि उन्हें स्थायी समाधान चाहिए।
प्रशासन और एओए पर उठ रहे सवाल
रेजिडेंट्स का कहना है कि हर बार हादसे के बाद ही प्रशासन सक्रिय होता है। पानी की सप्लाई लाइन और एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) के बीच लीकेज या मिलावट की आशंका बार-बार उठती रही है, लेकिन कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई।
फिलहाल हालात पर सबकी नजरें
फिलहाल सोसायटी में भय और आक्रोश का माहौल है। अधिकांश परिवार आरओ या पैक्ड वाटर का इस्तेमाल कर रहे हैं। सभी को अब स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार है, यह देखने के लिए कि क्या इस बार क्या स्वास्थ विभाग इस बार कोई ठोस कदम उठाता है या फिर यह मामला भी पिछली घटनाओं की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
