February 12, 2026

प्रेरणा विमर्श 2025: नवोत्थान के नए क्षितिज पर राष्ट्रव्यापी मंथन

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टाइम्स नाउ की ग्रुप एडिटर इन चीफ नविका कुमार को प्रेरणा सम्मान-2025 से सम्मानित किया गया

NEWS1UP

संवाददाता

नोएडा। प्रेरणा शोध संस्थान न्यास के तत्वावधान में नोएडा के सेक्टर-62 स्थित राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) परिसर में आयोजित तीन दिवसीय ‘प्रेरणा विमर्श 2025’ के दूसरे दिन नवोत्थान के नए क्षितिज विषय पर देश के प्रतिष्ठित लेखकों, इतिहासकारों, कूटनीतिज्ञों और रक्षा विशेषज्ञों ने विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम में राष्ट्र के वैचारिक, वैश्विक और रक्षा क्षेत्र में हो रहे परिवर्तनों पर गंभीर चर्चा के साथ उनके समाधान भी प्रस्तुत किए गए। इस अवसर पर पिछले वर्ष के विमर्श पर आधारित पुस्तक ‘पंच परिवर्तन’ का विमोचन भी किया गया।

वैचारिक क्षेत्र में परिवर्तन पर चर्चा

कार्यक्रम के प्रथम सत्र मंत्र विप्लव (वैचारिक क्षेत्र में नवोत्थान) में मुख्य वक्ता राज्यसभा सांसद एवं विख्यात इतिहासकार डॉ. मीनाक्षी जैन ने कहा कि पिछले दस वर्षों में देश के वैचारिक वातावरण में उल्लेखनीय बदलाव आया है। उन्होंने अयोध्या विषय पर अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पहले प्रकाशक इस विषय पर पुस्तक प्रकाशित करने से हिचकते थे, जबकि अब वही प्रकाशक स्वयं इस विषय पर लेखन का आग्रह करते हैं। इसे उन्होंने वैचारिक स्वतंत्रता और बदली मानसिकता का प्रतीक बताया।

इस सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह-प्रचार प्रमुख प्रदीप जोशी ने कहा कि सांस्कृतिक गुलामी से मुक्ति का संघर्ष लंबे समय से चल रहा है और अब देश इस दिशा में निर्णायक सफलता की ओर बढ़ चुका है। उन्होंने इसे राष्ट्र के नवोत्थान की दृष्टि से अहम परिवर्तन बताया।
सत्र का संचालन वरिष्ठ पत्रकार प्रतिबिंब शर्मा ने किया, जिन्होंने विचारों के क्षेत्र में तकनीक: चुनौती या अवसर विषय पर संवाद को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया।

वैश्विक नवोत्थान और भारत की भूमिका

दूसरे सत्र वसुधैव कुटुंबकम (वैश्विक क्षेत्र में नवोत्थान) में पूर्व राजदूत सुशील कुमार सिंघल ने कहा कि जब तक भारत अपनी सभ्यता के मूल सिद्धांतों के अनुरूप विदेश नीति, अनुसंधान और आर्थिक नीतियां नहीं बनाएगा, तब तक औपनिवेशिक सोच से पूरी तरह मुक्त नहीं हो सकेगा। उन्होंने अपनी सार्वभौमिकता को मजबूत करने के लिए स्वनिर्मित मार्ग अपनाने पर जोर दिया।

अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शिल्पकार नरेश कुमार कुमावत ने कहा कि पिछले एक दशक में भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। उन्होंने अनुभव साझा करते हुए कहा कि विदेशों में भी सनातन परंपरा के प्रति रुचि बढ़ी है।
सत्र का संचालन वरिष्ठ पत्रकार अनुराग पुनेठा ने किया।

रक्षा क्षेत्र में बदला दृष्टिकोण

तीसरे सत्र शस्त्रेण रक्षति राष्ट्रे (रक्षा क्षेत्र में नवोत्थान) में सेवानिवृत्त मेजर जनरल विजय शरद रानाडे ने कहा कि युद्ध की प्रकृति बदल चुकी है और इसके साथ ही भारत की रक्षा रणनीति में भी बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि अब ड्रोन, मिसाइल और छद्म युद्ध जैसे नए आयाम रक्षा नीति का हिस्सा बन चुके हैं।

रक्षा विशेषज्ञ राजीव नयन ने कहा कि सामरिक रणनीति में परिवर्तन समय की आवश्यकता है। उन्होंने स्वदेशी मानसिकता और स्वदेशी तकनीक को सशक्त करने पर बल दिया तथा कहा कि शत्रु को बिना युद्ध के अपनी ताकत का एहसास कराना ही प्रभावी रणनीति है।
इस सत्र का संचालन नेटवर्क-18 के प्रबंध संपादक आनंद नरसिम्हन ने किया।

कार्यक्रम के दौरान प्रेरणा सम्मान–2025 से टाइम्स नाउ की ग्रुप एडिटर-इन-चीफ नविका कुमार को सम्मानित किया गया। प्रत्येक सत्र के अंत में वक्ताओं ने श्रोताओं के प्रश्नों के उत्तर भी दिए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रियंका और डॉ. नीलम कुमारी ने किया।

अपने प्रश्न पूछते श्रोता

कार्यक्रम में प्रेरणा शोध संस्थान न्यास की अध्यक्ष प्रीति दादू, प्रेरणा विमर्श 2025 के अध्यक्ष अनिल त्यागी, समन्वयक श्याम किशोर सहाय, सह-संयोजक अखिलेश चौधरी, एनआईओएस के अध्यक्ष प्रो. अखिलेश मिश्रा, सचिव मोनिका चौहान सहित उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के प्रचार प्रमुख कृपाशंकर तथा देशभर से आए 300 से अधिक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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