केसरी सिंह गुर्जर की पुण्यतिथि पर संगोष्ठी, उठी नोएडा-ग्रेटर नोएडा में नगर निगम गठन की मांग
पुण्यतिथि पर जुटे सामाजिक कार्यकर्ता
बोले, जनप्रतिनिधित्व के बिना विकास अधूरा

NEWS1UP
भूमेश शर्मा
ग्रेटर नोएडा। राष्ट्रीय देहात मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता स्व. चौधरी केसरी सिंह ‘गुर्जर’ की तृतीय पुण्यतिथि पर बुधवार को इंद्रप्रस्थ लॉ कॉलेज में संगोष्ठी आयोजित की गई। संगोष्ठी में देहात मोर्चा समेत विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सामाजिक सरोकारों और संघर्षों को याद किया।
वक्ताओं ने कहा कि चौधरी केसरी सिंह ‘गुर्जर’ गांव, देहात, किसानों, सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठाते रहे। वे सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता रहे और पूर्व प्रधानमंत्री वी.पी. सिंह, शरद यादव तथा रामविलास पासवान जैसे वरिष्ठ नेताओं के विश्वस्त सहयोगियों में शामिल रहे।

नगर निगम गठन को लेकर सरकार पर निशाना
संगोष्ठी के दौरान नोएडा और ग्रेटर नोएडा में नगर निगम का गठन नहीं होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र के लाखों लोगों को लंबे समय से स्थानीय लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व से दूर रखा गया है। मांग की गई कि सरकार नोएडा-ग्रेटर नोएडा में तत्काल नगर निगम के गठन की घोषणा करे, ताकि क्षेत्रवासियों को अपने प्रतिनिधि चुनने और स्थानीय विकास में भागीदारी का संवैधानिक अधिकार मिल सके।
एडवोकेट महेंद्र अवाना ने कहा कि देहात मोर्चा विभिन्न जनहित के मुद्दों को लेकर लगातार लोगों को जागरूक कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राधिकरणों को किसानों की जमीन का कम मुआवजा देना पड़े, इसलिए क्षेत्र में पंचायत चुनाव भी बंद कर दिए गए। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों और क्षेत्रवासियों के हित में चुनाव कराने की मांग की।
देहात मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राव संजय भाटी ने कहा कि गौतमबुद्ध नगर में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और 244 गांवों के लोग लंबे समय से अपने संवैधानिक नागरिक अधिकारों से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को तत्काल नगर निगम गठन की घोषणा करनी चाहिए, ताकि लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें और क्षेत्र में विकास कार्य लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत आगे बढ़ सकें।

प्राधिकरणों में जनता की भागीदारी की मांग
देहात मोर्चा के वरिष्ठ नेता देवराज नागर ने कहा कि प्राधिकरणों की कार्यप्रणाली के कारण बिल्डर, फ्लैट ओनर्स, किसान और क्षेत्रवासी विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन प्राधिकरणों के फैसलों का सीधा असर जनता पर पड़ता है, उनके बोर्ड में जनता का कोई निर्वाचित प्रतिनिधि क्यों नहीं है। उन्होंने लोकहित में प्राधिकरणों की निर्णय प्रक्रिया में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की।
संगोष्ठी की अध्यक्षता चौधरी जयकरण सिंह खेड़ी ने की। कार्यक्रम को डॉ. विपिन गुप्ता, चौधरी सूबेराम डाबरा, चौधरी भीम सिंह सिरसा, नितिन शर्मा, डॉ. विजय गुर्जर, सुनील फौजी और फेडरेशन अध्यक्ष इलम सिंह नागर समेत अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।
इस अवसर पर संजय भाटी बिसरख, अश्विनी पवार, डॉ. अरविंद नागर, जतन भाटी, जगदीश नागर अट्टा, तेजपाल सिंह, छविराम सिंह, धर्मवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
