पाम कुंज विला के नारों से जागा जीडीए: बिल्डर को नक्शे व एनओसी के साथ किया तलब!
भूख हड़ताल और प्रदर्शन के बाद हरकत में आया प्राधिकरण
NEWS1UP
विशेष संवाददाता
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित पाम कुंज विला सोसाइटी के निवासियों की आवाज़ आखिरकार गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) तक पहुंच ही गई। सोमवार की सुबह से ही सोसाइटी के लोग परिसर के गेट पर भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। बुज़ुर्गों, महिलाओं और बच्चों की मौजूदगी ने इस विरोध को और भी प्रभावशाली बना दिया।
यह पहला मौका नहीं है जब पाम कुंज विला के निवासियों ने बिल्डर की कथित मनमानी के खिलाफ मोर्चा खोला हो। इससे पहले भी सोसाइटी में रहने वाले लोग बिल्डर पर वादाखिलाफी और अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं। बावजूद इसके, समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका था।

कमर्शियल प्लॉट बेचने का आरोप
सोसाइटी निवासियों का आरोप है कि बिल्डर ने धोखे से रेजिडेंशियल सोसाइटी के भीतर नियमों के विरुद्ध कमर्शियल प्लॉट बेच दिए। इससे सोसाइटी की सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह से कमजोर पड़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कमर्शियल गतिविधियों के कारण संदिग्ध लोगों का मुख्य गेट नंबर-1 से बेरोकटोक आना-जाना लगा रहता है, जिससे महिलाओं, बच्चों और बुज़ुर्गों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
जीडीए अधिकारियों ने संभाली कमान
भूख हड़ताल और बढ़ते दबाव के बीच दोपहर में जीडीए के प्रवर्तन एई रुद्रेश शुक्ला मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। अधिकारी के आश्वासन के बाद सोसाइटी निवासियों ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त की।
इसके बाद जीडीए अधिकारी सीधे बिल्डर इंडस वैली के कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने बिल्डर को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वह आने वाले सोमवार को अपने सभी स्वीकृत नक्शों और एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) के साथ जीडीए कार्यालय में उपस्थित हो।
न्याय की उम्मीद, लेकिन लड़ाई जारी
जीडीए की इस सक्रियता से सोसाइटी निवासियों में न्याय की एक नई उम्मीद जगी है। हालांकि, उनका कहना है कि अंतिम और स्थायी समाधान मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। निवासी स्पष्ट रूप से कहते हैं कि वे किसी भी कीमत पर सोसाइटी की सुरक्षा और नियमों से समझौता नहीं करेंगे।
NEWS1UP ने उठाई थी आवाज़
गौरतलब है कि पाम कुंज विला की इस गंभीर समस्या को NEWS1UP ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। राजनगर एक्सटेंशन के सभी सोशल ग्रुप्स आंदोलन से जुड़ रहे थे। मीडिया में मामला आने और सामाजिक संगठनों के साथ आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हुई और जीडीए को मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा।
अब देखना यह है कि सोमवार को होने वाली पेशी के बाद जीडीए क्या कार्रवाई करता है और क्या पाम कुंज विला के निवासियों को उनका हक और सुरक्षित माहौल मिल पाता है या नहीं।
