अम्रपाली गोल्फ होम्स किंग्सवुड पार्क में लिफ्ट में फंसीं महिलाएं, अलार्म के बावजूद नहीं पहुंची मदद!
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में हाईराइज सोसायटियों की सुरक्षा पर सवाल!
NEWS1UP
संवाददाता
ग्रेटर नोएडा वेस्ट। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की हाईराइज सोसायटियों में लिफ्ट की खराब हालत और आपातकालीन व्यवस्थाओं की पोल एक बार फिर खुल गई है। अम्रपाली गोल्फ होम्स किंग्सवुड पार्क सोसायटी के एक टावर की लिफ्ट में महिलाएं फंस गईं। पीड़ित महिलाओं ने काफी देर तक मदद के लिए आवाज लगाई और लिफ्ट का अलार्म भी बजाया, लेकिन लंबे समय तक कोई सुरक्षाकर्मी या तकनीकी स्टाफ मौके पर नहीं पहुंचा।
प्रत्यक्षदर्शियों और सोसायटी निवासियों के अनुसार, लिफ्ट अचानक बीच मंजिल पर रुक गई। अंदर मौजूद महिलाएं घबराहट में आ गईं और लगातार अलार्म बजाती रहीं। बताया जा रहा है कि करीब काफी समय तक वे लिफ्ट में फंसी रहीं, जिसके बाद किसी तरह बाहर निकाला जा सका। इस दौरान महिलाओं की मानसिक स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई थी।
सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
इस घटना ने सोसायटी प्रबंधन और रखरखाव एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। निवासियों का कहना है कि हाईराइज इमारतों में लिफ्ट सबसे महत्वपूर्ण सुविधा होती है, लेकिन उसके नियमित मेंटेनेंस और आपातकालीन रिस्पॉन्स सिस्टम को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
स्थानीय रेसिडेंट्स ने आरोप लगाया कि लिफ्ट का नियमित तकनीकी निरीक्षण नहीं होता, इमरजेंसी अलार्म और इंटरकॉम सिस्टम प्रभावी नहीं हैं और 24×7 तैनात सुरक्षा और तकनीकी स्टाफ सिर्फ कागजों में है।
पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
ग्रेटर नोएडा वेस्ट और आसपास के इलाकों में लिफ्ट फंसने की घटनाएं नई नहीं हैं। इससे पहले भी कई सोसायटियों में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं लिफ्ट में फंस चुके हैं। कई मामलों में दम घुटने, घबराहट और स्वास्थ्य बिगड़ने की शिकायतें सामने आई हैं।
महिलाओं में दहशत, निवासियों में आक्रोश
घटना के बाद सोसायटी की महिलाओं में दहशत का माहौल है। निवासियों का कहना है कि अगर समय रहते मदद न मिलती तो कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था। लोगों ने सोसायटी प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि मेंटेनेंस चार्ज नियमित रूप से लिया जाता है, लेकिन सुविधाओं और सुरक्षा के नाम पर लापरवाही बरती जा रही है।
प्रशासन और प्रबंधन से कार्रवाई की मांग
निवासियों ने जिला प्रशासन, प्राधिकरण और फायर विभाग से मांग की है कि सभी हाईराइज सोसायटियों की लिफ्ट का सेफ्टी ऑडिट कराया जाए। आपातकालीन रिस्पॉन्स टाइम तय किया जाए तथा लापरवाह बिल्डर और मेंटेनेंस एजेंसियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
