सोसाइटी की 6वीं मंजिल पर ‘आवारा कुत्तों का कब्जा’: CCTV में कैद खौफनाक मंजर!
AOA सो रही थी या सुरक्षा व्यवस्था दम तोड़ चुकी है ?
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। सोचिए! आप अपने फ्लैट का दरवाजा खोलें और सामने एक-दो नहीं, बल्कि आधा दर्जन से अधिक आवारा कुत्तों का झुंड मौत की तरह गुर्राता और आपस में खूनी लड़ाई करता दिखाई दे। यह कोई फिल्मी दृश्य नहीं, बल्कि राजनगर एक्सटेंशन स्थित KW सृष्टि सोसाइटी की वह सच्चाई है, जो CCTV कैमरे में कैद हो गई।
टॉवर-K की छठी मंजिल पर करीब चार मिनट से अधिक समय तक आवारा कुत्तों का झुंड खुलेआम आतंक मचाता रहा। पूरे कॉरिडोर में भगदड़ जैसी स्थिति रही। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान न कोई सिक्योरिटी गार्ड पहुंचा, न कोई मेंटिनेंस कर्मचारी, और न ही किसी ने कुत्तों को हटाने की कोशिश की।
AOA आखिर कर क्या रही थी ?
सोसाइटी के निवासी हर महीने मोटी मेंटिनेंस राशि इसलिए देते हैं कि उन्हें सुरक्षित माहौल मिले। लेकिन जब दर्जनभर आवारा कुत्ते बिना किसी रोक-टोक के छठी मंजिल तक पहुंच जाएं और कई मिनट तक उत्पात मचाते रहें, तो सवाल उठना लाजिमी है-
मेंटिनेंस का पैसा सुरक्षा पर खर्च हो रहा है या सिर्फ कागजी दावों पर ?
यदि कॉमन एरिया ही सुरक्षित नहीं हैं, तो फिर AOA अपनी सबसे अहम जिम्मेदारी कैसे निभा रही है ?
अगर दरवाजा खुल जाता तो ?
टॉवर-K के एक निवासी के मुताबिक, फ्लोर पर 10 फ्लैट हैं। गनीमत रही कि घटना के वक्त कोई बच्चा, बुजुर्ग या महिला बाहर नहीं निकली। लेकिन सोचिए! अगर किसी फ्लैट का दरवाजा उसी समय खुल जाता तो क्या होता ?
क्या किसी मासूम पर हमला हो सकता था ?
क्या किसी बुजुर्ग की जान खतरे में पड़ सकती थी ?
क्या तब भी यही कहा जाता कि “सब नियंत्रण में था” ?
अब बच्चों को बाहर भेजने से डर लगता है
घटना के बाद दहशत इतनी बढ़ गई है कि कई परिवार बच्चों को फ्लैट के बाहर तक नहीं जाने दे रहे। एक महिला निवासी ने कहा कि अब बच्चों को कॉरिडोर में भी खेलने देना सुरक्षित नहीं लगता। लोगों का कहना है कि डर अब सोसाइटी के गेट पर नहीं, बल्कि उनके घर के दरवाजे तक पहुंच चुका है।
नगर निगम पर भी बड़ा सवाल
आखिर शहर में आवारा कुत्तों पर नियंत्रण की जिम्मेदारी किसकी है ? यदि आवारा कुत्तों का झुंड हाईराइज सोसाइटी की छठी मंजिल तक पहुंच सकता है, तो क्या नगर निगम की कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित है ? लगातार शिकायतों के बावजूद ऐसी घटनाएं क्यों नहीं रुक रहीं ?
अब जवाब चाहिए, बहाने नहीं
यह वीडियो केवल कुत्तों की लड़ाई का नहीं, बल्कि व्यवस्था की नाकामी का आईना बन गया है।
अब AOA को जवाब देना होगा
छठी मंजिल तक दर्जनभर आवारा कुत्ते पहुंचे कैसे ?
चार मिनट तक सुरक्षा कर्मचारी गायब क्यों रहे ?
क्या CCTV सिर्फ रिकॉर्डिंग के लिए हैं या निगरानी के लिए भी ?
ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए क्या कदम उठाए जाएंगे ?
और नगर निगम को भी बताना होगा कि-
आखिर कब तक आवारा कुत्तों का आतंक शहर के लोगों की सुरक्षा पर भारी पड़ता रहेगा ? CCTV की ये तस्वीरें एक सवाल छोड़ रही हैं कि क्या हाईराइज सोसाइटियों में रहने वाले लोग मेंटिनेंस और हाउस टैक्स के नाम पर सिर्फ बिल भरने के लिए हैं, या उन्हें सुरक्षित जीवन देने की जिम्मेदारी भी किसी की है ?
फिलहाल, इस वीडियो ने KW सृष्टि सोसाइटी की सुरक्षा व्यवस्था और संबंधित एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बारे में AOA का पक्ष जानने के लिए सचिव को दो बार उनके मोबाइल नंबर पर कॉल लगाया, परन्तु उन्होंने कॉल नहीं उठाया। खबर लिखे जाने तक उनकी तरफ से संपर्क करने का कोई प्रयास नहीं किया गया है।
