कोटेदारों ने योगी सरकार को दिया धन्यवाद, बोले: पहले संदेह, अब सम्मान
35 रुपये प्रति कुंतल बढ़ा लाभांश, डिजिटल व्यवस्था ने बदली राशन वितरण की तस्वीर
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उचित दर विक्रेताओं के लाभांश में 35 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि कर प्रदेश के कोटेदारों को बड़ी राहत दी है। इसके बाद कोटेदारों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सरकार ने आर्थिक राहत के साथ राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और उनका सामाजिक सम्मान भी बढ़ाया है।

लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी के तहत ई-पॉस आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक 35 रुपये की वृद्धि में केंद्र के 10 और राज्य सरकार के 25 रुपये शामिल हैं। राज्य सरकार ने लाभांश में 25 रुपये की और वृद्धि के लिए केंद्र को पत्र भी भेजा है।
पहले संदेह, अब पारदर्शिता
मोहनलालगंज के कोटेदार दिनेश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि कमीशन 90 से बढ़कर 125 रुपये प्रति कुंतल होना बड़ी राहत है। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक आने से राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ी है। पहले गड़बड़ी होने पर कोटेदारों को संदेह की नजर से देखा जाता था, लेकिन अब ई-पॉस मशीन और डिजिटल रिकॉर्ड से जवाबदेही तय हो रही है। लाभार्थी अंगूठा लगाता है और निर्धारित राशन प्राप्त करता है।

सीधे दुकान तक पहुंच रहा राशन
माल ब्लॉक के कोटेदार राकेश तिवारी ने कहा कि सिंगल स्टेज डिलीवरी से राशन सीधे उचित दर की दुकान तक पहुंच रहा है। इससे आपूर्ति संबंधी परेशानियां कम हुई हैं और लाभार्थियों को पूरा राशन देना आसान हुआ है। उन्होंने कहा कि महंगाई को देखते हुए कमीशन में वृद्धि जरूरी थी।
गोमती नगर के कोटेदार आरके कन्नौजिया ने बताया कि राशन लाने वाले ट्रकों में जीपीएस व्यवस्था से उनकी निगरानी संभव हो रही है। इससे आपूर्ति में पारदर्शिता बढ़ी है और राशन दुकान तक पहुंचने की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हुई है।
गड़बड़ी का ठीकरा अब नहीं फूटता कोटेदारों पर
काकोरी के कोटेदार आनंद कुमार गुप्ता ने कहा कि पहले राशन वितरण की गड़बड़ियों का ठीकरा अक्सर कोटेदारों पर फूटता था। डिजिटल व्यवस्था ने इस स्थिति को बदला है। अंगूठे से सत्यापन और डिजिटल रिकॉर्ड ने पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया है।
उन्होंने बताया कि कोटेदारों का कमीशन पहले 70 रुपये, फिर 90 रुपये और अब 125 रुपये प्रति कुंतल हो गया है। उनके मुताबिक इससे आर्थिक राहत के साथ कोटेदारों का सम्मान भी बढ़ा है।
कोटेदारों का कहना है कि सरकार की पहल ने सिर्फ लाभांश नहीं बढ़ाया, बल्कि राशन वितरण में भरोसा, पारदर्शिता और जवाबदेही भी मजबूत की है।
