बरी होने के बाद साहिबाबाद में अमरपाल शर्मा का जोरदार स्वागत, समर्थकों में दिखा भारी उत्साह
जगह-जगह हुई फूलों की बारिश, समर्थन में लगे नारे
पूर्व विधायक बोले: यह सत्य और न्याय की जीत है
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
गाजियाबाद। खोड़ा के चर्चित गज्जी भाटी हत्याकांड में एमपी-एमएलए कोर्ट से बरी होने के बाद पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा का मंगलवार को साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र में जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान उनके समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला। जगह-जगह फूलों की बारिश कर उनका स्वागत किया गया, वहीं समर्थक उनके समर्थन में नारेबाजी करते नजर आए। इस स्वागत के जरिए समर्थकों ने अमरपाल शर्मा के प्रति अपना समर्थन भी जाहिर किया।

अमरपाल शर्मा ने अदालत के फैसले को सत्य और न्याय की जीत बताया। उन्होंने कहा कि उनके समर्थकों, शुभचिंतकों और परिजनों की शुभकामनाओं और प्यार की बदौलत उन्हें न्याय के मंदिर से इंसाफ मिला है। उन्होंने इस पूरे दौर में साथ देने वाले लोगों के प्रति आभार जताया।
दरअसल, वर्ष 2017 में खोड़ा में हुए गज्जी भाटी हत्याकांड में पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा समेत तीन आरोपियों को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। सोमवार को मामले की अंतिम सुनवाई के बाद एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश निशांत मान ने अमरपाल शर्मा, राजू पहलवान और नरेंद्र उर्फ फौजी को बरी करने का फैसला सुनाया। अदालत के मुताबिक, अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ आरोप साबित करने में सफल नहीं रहा।
क्या था गज्जी भाटी हत्याकांड ?
2 सितंबर 2017 को खोड़ा निवासी गज्जी भाटी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के समय वह अपने ड्राइवर बलवीर सिंह के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। घर के पास बाइक सवार बदमाशों ने दोनों पर गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल गज्जी भाटी को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामले में उनके भाई योगेश भाटी ने अमरपाल शर्मा पर साजिश रचने तथा राजू पहलवान और नरेंद्र उर्फ फौजी पर गोली मारने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी।
अदालत के फैसले के बाद योगेश भाटी ने कहा है कि वह इस निर्णय को उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे। ऐसे में मामले की कानूनी लड़ाई आगे भी जारी रहने की संभावना है।
साहिबाबाद की राजनीति पर भी नजर

अमरपाल शर्मा के बरी होने के बाद साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में भी उनकी सक्रियता को लेकर चर्चाएं तेज हैं। आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के टिकट पर साहिबाबाद से चुनाव लड़ने की संभावनाओं की चर्चा हो रही है।
गज्जी भाटी हत्याकांड के बाद स्थानीय राजनीति में दोनों परिवारों की भूमिका भी चर्चा में रही है। गज्जी भाटी की पत्नी रीना भाटी भाजपा के टिकट पर खोड़ा नगर पालिका की चेयरमैन बनी थीं। वर्ष 2023 के नगर पालिका चुनाव में उन्हें अमरपाल शर्मा की पत्नी मोहिनी शर्मा के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। मोहिनी शर्मा ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीतकर चेयरमैन पद हासिल किया था।
अदालत से बरी होने के बाद साहिबाबाद में अमरपाल शर्मा के स्वागत और समर्थकों के उत्साह को उनकी राजनीतिक सक्रियता के लिहाज से अहम माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में वह अपनी राजनीतिक गतिविधियों को किस दिशा में आगे बढ़ाते हैं।
