रात में पार्षद पर हमला: भाजपा विधायक और पदाधिकारी थाने पहुंचे, अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग!
रातों-रात सियासी गलियारों में मचा हड़कंप
भाजपा नेताओं ने कहा ‘अब कार्रवाई नहीं, नतीजे चाहिए’
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद शहर की शांत सियासत बुधवार रात गोलियों की आवाज़ से थर्रा उठी, जब भाजपा की वार्ड नंबर 9 की पार्षद शीतल चौधरी की कार पर अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने फायरिंग कर दी। यह घटना कमला नेहरू नगर इलाके की है, जो मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। गनीमत रही कि गोलियाँ कार के शीशे पर लगीं और पार्षद शीतल चौधरी बाल-बाल बच गईं। भाजपा पार्षद शीतल चौधरी पर हुए जानलेवा हमले को लेकर पुलिस की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुँच रही है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस को CCTV फुटेज में दो संदिग्धों की स्पष्ट झलक मिली है जो घटना स्थल के आसपास घूमते नज़र आए। पुलिस ने दोनों की चेहरा पहचान तकनीक (FRT) के ज़रिए पहचान शुरू कर दी है।

भाजपा नेताओं का थाने पहुंचना: कार्रवाई की मांग
घटना के बाद रात करीब 10 बजे, भाजपा के प्रमुख नेता, विधायक अजीतपाल त्यागी, विधायक संजीव शर्मा, और महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल सीधे मधुबन बापूधाम थाने पहुँचे, जहाँ शीतल चौधरी भी मौजूद थीं। तीनों नेताओं ने पुलिस अधिकारियों से अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की और इस मामले को “जनता के द्वारा चुनी हुई प्रतिनिधि पर सुनियोजित हमला” करार दिया।
जांच की दिशा: CCTV, फॉरेंसिक और मोबाइल सर्विलांस
गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट के अनुसार, जांच में तीन प्रमुख बिंदुओं पर काम किया जा रहा है:
CCTV साक्ष्य: कमला नेहरू नगर से संजय नगर तक लगे कैमरों की 3 किलोमीटर की फुटेज खंगाली जा रही है।
फॉरेंसिक जांच: कार के शीशों और गोली के खोखों की रिपोर्ट से पता चला है कि फायरिंग में देशी .32 बोर की पिस्तौल का इस्तेमाल हुआ था।
मोबाइल सर्विलांस: घटना के समय आस-पास एक्टिव मोबाइल टॉवर लोकेशन से तीन संदिग्ध नंबरों की पहचान की गई है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, “हमलावर पेशेवर लगते हैं, परन्तु जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद है।”
सुरक्षा में कोई ढिलाई नहीं: जे. रविंद्र गौड़
घटना के बाद प्रशासन ने शीतल चौधरी की निजी सुरक्षा बढ़ा दी है। फिलहाल उन्हें दो सशस्त्र गनर और मुहैया कराये गए हैं।
कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ ने कहा-
“यह घटना राजनीतिक नहीं, बल्कि सुनियोजित आपराधिक हमला प्रतीत होती है। हर एंगल से जांच की जा रही है, और किसी भी लापरवाही पर कार्रवाई होगी।”

राजनीतिक प्रतिक्रिया: सियासी बयानबाज़ी तेज
घटना के बाद भाजपा और विपक्षी दलों के बीच बयानबाज़ी तेज हो गई है। भाजपा महानगर अध्यक्ष ने कहा:
“यह लोकतंत्र पर हमला है। हमारे जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।”
वहीं समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने कहा कि यह घटना बताती है कि गाजियाबाद में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। स्थानीय नागरिक मंचों ने भी शहर में सीसीटीवी कवरेज, स्ट्रीट लाइटिंग और रात्री गश्त की समीक्षा की मांग की है।

पार्षद की स्थिति और बयान
पार्षद शीतल चौधरी ने मीडिया से कहा-
“मैं किसी से डरने वाली नहीं हूँ। मैं चाहती हूँ कि पुलिस सख़्त कार्रवाई करे ताकि किसी और को ऐसा डर महसूस न करना पड़े।”
जानकारी के मुताबिक हाल के महीनों में उन्होंने नगर निगम में कुछ अनुचित ठेके और फंड वितरण पर सवाल उठाए थे, जिससे उनके राजनीतिक विरोधियों में नाराज़गी थी। पुलिस इस एंगल की भी जांच कर रही है।
अब तक मिली जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने .32 बोर के हथियार का इस्तेमाल किया और बाइक पर नंबर प्लेट नहीं थी। पुलिस ने आसपास के जिलों की सीमा चौकियों पर अलर्ट जारी किया है, घटना की फॉरेंसिक रिपोर्ट 48 घंटे में आने की संभावना है। इस बीच पार्षद को अस्थायी सुरक्षा प्रदान कर दी गयी है।
जनसुरक्षा की समीक्षा
सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के अनुसार, हमले के बाद गाजियाबाद नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने मिलकर ‘सुरक्षित वार्ड योजना’ शुरू करने पर विचार कर रहा है।
इस योजना के तहत:
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हर वार्ड में कम से कम 20 नए CCTV कैमरे लगाए जाएंगे।
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महिला पार्षदों को प्राथमिकता में सुरक्षा प्रोटोकॉल दिए जाएंगे।
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नागरिकों के लिए रात्री गश्त और त्वरित कॉल रिस्पॉन्स टीम (QRT) की व्यवस्था की जाएगी।
शीतल चौधरी पर हुआ हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि स्थानीय लोकतंत्र की गरिमा पर हमला माना जा रहा है। पुलिस की शुरुआती जांच से यह स्पष्ट है कि अपराधियों तक पहुँच अब अधिक दूर नहीं। अगर अगले 48 घंटे में गिरफ्तारी होती है, तो यह गाजियाबाद पुलिस के लिए एक महत्त्वपूर्ण सफलता होगी। फिलहाल, शहर में माहौल शांत है, लेकिन नागरिकों की निगाहें अब इस सवाल पर टिकी हैं, क्या यह हमला सिर्फ एक चेतावनी था, या किसी बड़े षड्यंत्र की शुरुआत ?
