यूपी में बीजेपी ने 14 जिलों में नए जिलाध्यक्षों की घोषणा की, छह ओबीसी और एक एससी समुदाय से
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पॉलिटिकल डेस्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करते हुए 14 जिलों में नए जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा कर दी। प्रदेश चुनाव अधिकारी एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने इन 14 निर्वाचित जिलाध्यक्षों की सूची जारी की। घोषित नामों में सामाजिक संतुलन को स्पष्ट रूप से प्राथमिकता दी गई है, 14 में से 6 जिलाध्यक्ष पिछड़े वर्ग से, 1 अनुसूचित जाति वर्ग से और 7 सामान्य वर्ग से चुने गए हैं।
जौनपुर में अजीत प्रजापति बने नए जिलाध्यक्ष
बीजेपी ने संगठन विस्तार के तहत कई जिलों में बदलाव किए हैं। मेरठ में हरवीर पाल को जिले की कमान सौंपी गई है, जबकि हापुड़ में कविता माधरे को नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। जौनपुर की जिम्मेदारी अजीत प्रजापति को दी गई है, तो वहीं बाराबंकी में राम सिंह वर्मा नए जिलाध्यक्ष बने हैं।
बीजेपी ने जिन 14 जिलों में नए जिलाध्यक्ष घोषित किए हैं, उनमें मेरठ से हरवीर पाल (पिछड़ा), हापुड़ से कविता माधरे (अनुसूचित), फिरोजाबाद से उदय प्रताप सिंह (सामान्य), हाथरस से प्रेम सिंह कुशवाहा (पिछड़ा), अलीगढ़ महानगर से राजीव शर्मा (सामान्य), अलीगढ़ जिला से कृष्ण पाल सिंह लाला (सामान्य), एटा से प्रमोद गुप्ता (सामान्य), जालौन से उर्विजा दीक्षित (सामान्य), झांसी महानगर से सुधीर सिंह (सामान्य), हमीरपुर से शकुन्तला निषाद (पिछड़ा), फतेहपुर से अन्नू श्रीवास्तव (सामान्य), बाराबंकी से राम सिंह वर्मा (पिछड़ा), जौनपुर से अजीत प्रजापति (पिछड़ा) और कौशाम्बी से धर्मराज मौर्या (पिछड़ा) को नया जिलाध्यक्ष बनाया गया है।
मार्च में भी हुए थे कई जिलों में बदलाव
इससे पहले, मार्च महीने में भी पार्टी ने प्रदेश के कई जिलों में नए जिलाध्यक्ष नियुक्त किए थे। मुरादाबाद में आकाश पाल को दोबारा जिम्मेदारी दी गई थी। बुलंदशहर में विकास चौहान, इटावा में अन्नू गुप्ता, गाज़ीपुर में ओम प्रकाश राय और अमेठी में सुधांशु शुक्ला को अध्यक्ष बनाया गया था। उन्नाव में अनुराग, रायबरेली में बुद्धि लाल, गोरखपुर में जनार्दन तिवारी, गौतमबुद्ध नगर से अभिषेक शर्मा और सुल्तानपुर में सुशील त्रिपाठी को जिलाध्यक्ष का पद मिला था।
संगठनात्मक मजबूती पर फोकस
बीजेपी का कहना है कि नए नियुक्त जिलाध्यक्ष आगामी चुनावी तैयारियों और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे। पार्टी ने सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखकर संतुलित नेतृत्व देने की कोशिश की है।
यूपी में संगठनात्मक फेरबदल को आगामी राजनीतिक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
