February 9, 2026

गाजियाबाद में सुरक्षा का नया अध्याय: कमिश्नरेट के तीन साल में अपराध ढहा, व्यवस्था और तेज़!

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रीयल-टाइम एक्शन, फास्ट रिस्पांस, सख्त कार्रवाई

सात बदमाश ढेर, अपराध का ग्राफ लगातार नीचे

NEWS1UP

भूमेश शर्मा

गाजियाबाद। तीन वर्ष… और नतीजे चौंकाने वाले! गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट ने बुधवार को अपना तीसरा स्थापना दिवस मनाते हुए वह रिपोर्ट कार्ड पेश किया, जिसने शहर में अपराध नियंत्रण पर प्रशासन की पकड़ के नए आयाम खोल दिए। मेट्रो सिटी का दर्जा मिलने के बाद लागू की गई कमिश्नरेट प्रणाली ने सुरक्षा व सुशासन को नई दिशा दी है। पुलिस का दावा है कि तीन साल में शहर का अपराध ग्राफ उतनी तेजी से नीचे आया है, जितना पहले कभी नहीं देखा गया।

महिला अपराधों में बड़ी गिरावट: रेप केस 94% तक घटे, उत्पीड़न के मामलों में भी कमी

किसी भी शहर की सुरक्षा का असली पैमाना महिलाओं की सुरक्षा होती है, और गाजियाबाद इस मोर्चे पर साफ तौर पर पास होता दिख रहा है।

  • बलात्कार: 2023 के 133 और 2024 के 169 केस, 2025 में घटकर सिर्फ 84

  • शीलभंग: 205 से गिरकर 131

  • अपहरण: 56 से सिमटकर 27

  • महिला उत्पीड़न: 650 से घटकर 520

कुल महिलाओं से जुड़े अपराध 2023 के 1318 से 2025 में घटकर 794 रह गए। यह आंकड़ा बताता है कि कानून का डर और पुलिस की सक्रियता अब अपराधियों की योजना बिगाड़ रही है।

गंभीर अपराधों की रफ्तार थमी: लूट, हत्या व चोरी में बड़ी गिरावट

तीन साल के तुलनात्मक आंकड़े क्राइम कंट्रोल की नई तस्वीर पेश करते हैं-

  • हत्या: 2023-24 में 108, जबकि 2025 में 85

  • लूट: 84 से गिरकर 33

  • डकैती: 2025 में एक भी नहीं

  • गृहभेदन: 265 से घटकर 166

  • वाहन चोरी: 4354 से घटकर 3124

गौवध अधिनियम, रंगदारी और फिरौती जैसे मामलों में भी पुलिस के सख्त रवैए ने अपराधियों की कमर तोड़ दी है।

साइबर अपराध पर मजबूत शिकंजा: 10 करोड़ से ज्यादा की राशि पीड़ितों को वापस

डिजिटल अपराधों पर अंकुश के लिए बनाई गई स्पेशल साइबर टीम ने रिकॉर्ड बनाया-

  • 20 इंस्पेक्टर्स की टीम

  • 836 साइबर अपराधों की प्रभावी जांच

  • 10.63 करोड़ रुपये की ठगी रकम फ्रीज

  • 10.27 करोड़ रुपये पीड़ितों के खातों में वापस

तेज़ कार्रवाई के चलते साइबर ठग अब शहर को आसान निशाना नहीं मान रहे।

अपराधियों पर कड़ा प्रहार: माफिया की अरबों की संपत्ति जब्त, सात बदमाश ढेर

1 दिसम्बर 2022 से अब तक की कार्रवाई अपराधियों के लिए साफ संदेश है कि बख्शा नहीं जाएगा।

  • गैंगस्टर एक्ट के 2023 मामले

  • 850 आरोपियों पर शिकंजा

  • माफियाओं की 3 अरब 33 करोड़ से अधिक की संपत्ति कुर्क

  • 327 मुठभेड़, 7 बदमाश ढेर

  • 399 घायल, 562 गिरफ्तार

  • एनडीपीएस के 724 केस, 895 तस्कर दबोचे

  • 20 हजार किलो से ज्यादा नशीला पदार्थ बरामद

यह आँकड़े बताते हैं कि संगठित अपराध पर पुलिस का दबदबा और मजबूत हुआ है।

पुलिसिंग की नई पहचान: तकनीक, जवाबदेही और तेज़ रिस्पांस टाइम

कमिश्नरेट के तीन वर्षों में सिर्फ अपराध ही नहीं घटे, बल्कि पुलिसवर्क ज़मीनी स्तर पर बदला है-

  • 2131 बीट, 941 बीट एसआई और 1431 बीट अधिकारी

  • सिटीजन चार्टर, फीडबैक सेल, केस प्रगति की पारदर्शी प्रणाली

  • सभी थानों में हाई-टेक सीसीटीवी मॉनिटरिंग

  • एफआईआर की प्रति घर तक पहुंचाने की पहल

  • 678 नए सीसीटीवी कैमरे

  • डायल-112 का 3.30 मिनट का रिस्पांस टाइम, प्रदेश में नंबर-1

  • थानों को कॉर्पोरेट लुक, बेहतर सुविधाएं व आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर

यह बदलाव शहर की पुलिसिंग को नए दौर की ओर ले जा रहे हैं।

हमारा लक्ष्य जनता का विश्वास और अपराध मुक्त वातावरण: जे. रविंदर गौड

जे.रविंदर गौड, पुलिस कमिश्नर

पुलिस कमिश्नर का दावा है कि तीन वर्षों में गाजियाबाद ने आधुनिक, तेज़ और पारदर्शी पुलिसिंग का ऐसा मॉडल अपनाया है, जिसकी मिसाल उत्तर प्रदेश में दुर्लभ है।
उन्होंने कहा-

“महिला अपराधों में 27% कमी, अपराधियों पर रिकॉर्ड कार्रवाई और नागरिक-केंद्रित सुधार गाजियाबाद को सुरक्षित शहर बनाने की दिशा में बड़ी उपलब्धि है।”

सुरक्षा की नई कहानी लिख रहे हैं तीन साल

संक्षेप में, कमिश्नरेट के तीन वर्ष गाजियाबाद के लिए सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि बदली हुई सड़कों, सुरक्षित दायरे, मजबूत पुलिसिंग और जनविश्वास की नई कहानी हैं।

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