September 20, 2026
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कोहरे ने छीनी ज़िंदगियाँ: यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसा नहीं, चेतावनी थी!

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नींद में थे यात्री, अचानक मच गई चीख-पुकार

मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान

NEWS1UP

विशेष संवाददाता

मथुरा। यमुना एक्सप्रेसवे पर मंगलवार तड़के जो हुआ, वह सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि घने कोहरे में हमारी तैयारियों पर उठता बड़ा सवाल है। सुबह करीब चार बजे, जब अधिकांश यात्री बसों में गहरी नींद में थे, दृश्यता शून्य के करीब पहुंच चुकी थी। इसी दौरान सात बसें और तीन कारें आपस में टकरा गईं। टक्कर इतनी भीषण थी कि कई वाहनों में आग लग गई और चार यात्रियों की जलकर मौत हो गई। 25 से अधिक घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हादसे के बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय ग्रामीणों, पुलिस, फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीमों ने मिलकर राहत-बचाव कार्य शुरू किया। चश्मदीदों के मुताबिक, आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही मिनटों में बसें धू-धू कर जल उठीं। एक घायल यात्री ने बताया कि टक्कर के बाद आग फैलने से बस में अफरा-तफरी मच गई, नींद में सो रहे यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

कोहरा: प्राकृतिक कारण, मानवीय चूक ?

मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर कम होने और पछुआ हवाओं के कारण उत्तर प्रदेश में कोहरा बढ़ा है। लखनऊ समेत कई जिलों में मंगलवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। सवाल यह है कि जब पिछले कुछ दिनों से कोहरे की चेतावनी थी, तो हाईवे पर गति नियंत्रण, फॉग लाइट्स, रिफ्लेक्टिव मार्किंग और रियल-टाइम अलर्ट जैसे इंतज़ाम कितने प्रभावी थे?

हाईवे सुरक्षा पर फिर सवाल

बीते 2–3 दिनों में राज्य के कई हिस्सों में कोहरे के कारण सड़क हादसे बढ़े हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर मल्टी-व्हीकल क्रैश अक्सर चेन रिएक्शन से होते हैं, एक वाहन की हल्की चूक, पीछे से आती तेज रफ्तार बसों और कारों को संभलने का समय नहीं देती। ऐसे में ड्राइवर प्रशिक्षण, अनिवार्य गति सीमा का सख्त पालन और कोहरे में संचालन के स्पष्ट प्रोटोकॉल की जरूरत और भी बढ़ जाती है।

प्रशासन की कार्रवाई

एसएसपी मथुरा श्लोक कुमार ने बताया कि हादसे के वक्त कोहरा घना था और आग लगने से नुकसान बढ़ा। राहत की बात यह है कि अधिकांश घायलों की हालत स्थिर है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की और अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए। सरकार ने मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है।

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में सुबह और रात के समय घने कोहरे की संभावना जताई है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। यह हादसा बताता है कि चेतावनी के साथ-साथ ज़मीनी तैयारी भी उतनी ही जरूरी है, वरना कोहरा हर साल यूं ही हमारी लापरवाही उजागर करता रहेगा।

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