अब गुलमोहर एन्क्लेव में बिना कंप्लीशन सर्टिफिकेट पजेशन पर सवाल!
85.57 लाख IFMS का भी मामला गरमाया, GDA-प्रशासन से शिकायत
हाईकोर्ट के आदेश ने बढ़ाई जिम्मेदारी की पड़ताल
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एन्क्लेव सोसायटी में बिना कंप्लीशन सर्टिफिकेट पजेशन दिए जाने और करीब 85.57 लाख रुपए की IFMS/वन-टाइम मेंटेनेंस राशि सोसायटी को नहीं मिलने का मामला गरमा गया है। निवासी गौरव बंसल ने जीडीए उपाध्यक्ष, जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर से शिकायत कर पूरे प्रकरण की जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
गौरव बंसल के अनुसार SVP ग्रुप ने वर्ष 2006 में पजेशन देना शुरू किया, जबकि अक्टूबर 2009 में रखरखाव RWA को सौंप दिया गया। इसके बावजूद करीब दो दशक बाद भी सोसायटी का कंप्लीशन सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं कराया गया। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि यदि पूर्णता प्रमाणपत्र नहीं था तो पजेशन किस नियम या सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से दिया गया ?
85.57 लाख का हिसाब भी सवालों में
शिकायत में करीब 85,57,800 IFMS राशि और उस पर देय ब्याज सोसायटी/RWA को नहीं मिलने का आरोप लगाया गया है। गौरव बंसल का कहना है कि रकम उपलब्ध नहीं होने से सोसायटी के जरूरी विकास और रखरखाव कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि इस मामले को लेकर RWA, निवासी आर.के. गर्ग तथा अन्य निवासियों की ओर से पूर्व में भी बिल्डर एवं संबंधित अधिकारियों को कई शिकायतें और पत्राचार किए जा चुके हैं
हाईकोर्ट के आदेश से बढ़ी पड़ताल
गुलमोहर एन्क्लेव का मामला ऐसे समय उठा है जब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मोहन नगर स्थित गुलमोहर ग्रीन्स से संबंधित मामले में बिना कंप्लीशन सर्टिफिकेट पजेशन दिए जाने के आरोप पर गंभीर सवाल उठाए हैं। 10 सितंबर 2026 के आदेश में कोर्ट ने उस मामले में बिल्डर पर बिना Completion Certificate पजेशन देने और ग्राउंड फ्लोर का कॉमन एरिया बेचने के आरोप का उल्लेख किया। पुलिस की Final Report पर भी अदालत ने सवाल उठाए और संबंधित अधिकारियों के हलफनामे तलब किए।
कोर्ट ने 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2011 के बीच GDA में तैनात रहे उपाध्यक्ष का विवरण भी मांगा है। अगली सुनवाई पर GDA के उपाध्यक्ष को उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। ऐसे में गुलमोहर एन्क्लेव को लेकर भी सवाल उठ रहा है कि वर्ष 2006 में पजेशन के समय परियोजना की वैधानिक स्थिति क्या थी और GDA के रिकॉर्ड में क्या दर्ज था।
गौरव बंसल ने मांग की है कि बिना Completion Certificate पजेशन की वैधता की जांच के साथ 85.57 लाख IFMS और ब्याज सोसायटी को दिलाया जाए तथा रुके विकास कार्य पूरे कराए जाएं। उन्होंने कहा कि कार्रवाई नहीं हुई तो निवासी अपने अधिकारों के लिए हाईकोर्ट की शरण लेंगे।
