February 11, 2026

उत्तर प्रदेश : “रिस्क स्टेट” से “रिलायबल स्टेट” तक का सफ़र!

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कानून-व्यवस्था, गवर्नेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर ने बदली

निवेशकों की सोच

NEWS1UP

भूमेश शर्मा

लखनऊ। एक समय था जब उत्तर प्रदेश में निवेश का निर्णय केवल अवसर नहीं, बल्कि जोखिम के आकलन से जुड़ा होता था। आज तस्वीर उलट चुकी है। बेहतर कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक स्थिरता और तेज़ निर्णय प्रणाली ने प्रदेश को देश के सबसे भरोसेमंद निवेश गंतव्यों में ला खड़ा किया है। यही कारण है कि अब उद्योग जगत उत्तर प्रदेश को “संभावना” नहीं, बल्कि “स्थिरता” के राज्य के रूप में देख रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हालिया मुलाकात में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के अध्यक्ष राजीव मेमानी, इंडिया ग्लाइको लिमिटेड के अध्यक्ष, सह प्रबंध निदेशक उमाशंकर भरतिया और सुनील मिश्रा  ने इसी बदली हुई सोच को शब्द दिए। बातचीत में निवेश, औद्योगिक विस्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर पर चर्चा हुई, लेकिन केंद्र में रहा एक ही मुद्दा, ‘भरोसा।’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करते हुए सी०आई०आई० अध्यक्ष राजीव मेमानी, इंडिया ग्लाइको लिमिटेड के अध्यक्ष, सह प्रबंध निदेशक उमाशंकर भरतिया और  सुनील मिश्रा

कानून-व्यवस्था बनी निवेश की सबसे बड़ी गारंटी

उद्योग प्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा कि सख्त कानून-व्यवस्था और डिक्रिमिनलाइजेशन जैसे सुधारों ने उत्तर प्रदेश की छवि को निर्णायक रूप से बदला है। अब निवेशकों को सुरक्षा के लिए “अलग से इंतजाम” नहीं करने पड़ते। शासन-प्रशासन का स्पष्ट संदेश है, नियम समान हैं, फैसले समयबद्ध हैं और हस्तक्षेप न्यूनतम।

यह बदलाव केवल धारणा तक सीमित नहीं है। परियोजनाओं का समय पर आगे बढ़ना, ज़मीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और प्रशासनिक सहयोग ने उद्योगों को यह विश्वास दिया है कि उत्तर प्रदेश में निवेश सुरक्षित ही नहीं, व्यावहारिक भी है।

इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम तैयार

एक्सप्रेसवे, औद्योगिक कॉरिडोर, एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक्स हब और निर्बाध बिजली-पानी की उपलब्धता, ये अब अलग-अलग परियोजनाएं नहीं, बल्कि एक समन्वित औद्योगिक इकोसिस्टम का हिस्सा हैं। उद्योग प्रतिनिधियों का मानना है कि यही वह आधार है, जो बड़े उद्योगों के साथ-साथ एमएसएमई सेक्टर को भी तेजी से आगे बढ़ा रहा है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस : काग़ज़ से ज़मीन तक

योगी सरकार के कार्यकाल में “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” एक नारा नहीं, बल्कि एक कामकाजी व्यवस्था बनकर उभरा है। सिंगल-विंडो सिस्टम ‘निवेश मित्र’ के माध्यम से 43 विभागों की 525 से अधिक सेवाएं डिजिटल रूप से उपलब्ध हैं। भौतिक दखल लगभग समाप्त हो चुका है और स्वीकृतियां तय समयसीमा में मिल रही हैं।

अब निवेश मित्र 3.0 की तैयारी, जिसमें एआई और चैटबॉट जैसी सुविधाएं होंगी, यह संकेत देती है कि सरकार निवेशक अनुभव को अगले स्तर पर ले जाना चाहती है।

एक ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश

उद्योग प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के विजन में साझेदारी की इच्छा जताई। उनका कहना है कि वर्तमान गवर्नेंस मॉडल, नीति-निरंतरता और राजनीतिक इच्छाशक्ति इस लक्ष्य को यथार्थवादी बनाती है।

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