स्वतंत्रता सेनानी पीतम सिंह स्मृति स्थल बचाने को 5 जनवरी को पंचायत, दादरी में हुई रणनीतिक बैठक!
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संवाददाता
दादरी। ग्रेटर नोएडा के ग्राम चौगानपुर स्थित स्वतंत्रता सेनानी, क्रांतिकारी स्वर्गीय बाबा पीतम सिंह जी के स्मृति स्थल को बचाने के लिए संघर्ष तेज हो गया है। इसी कड़ी में 5 जनवरी को प्रस्तावित पंचायत को सफल बनाने हेतु दादरी स्थित सौरभ कॉम्प्लेक्स कार्यालय पर एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्रीय किसानों, सामाजिक संगठनों और अधिवक्ताओं ने एक स्वर में स्मृति स्थल की सुरक्षा और संरक्षण का संकल्प दोहराया।

बैठक को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन मंच के राष्ट्रीय महासचिव मास्टर मनमिंदर भाटी ने कहा कि गौतम बुद्ध नगर की धरती स्वाधीनता संग्राम सेनानियों और क्रांतिकारियों की कर्मस्थली रही है। उन्होंने बताया कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में जनपद के 80 से अधिक क्रांतिकारियों को अंग्रेजों द्वारा बुलंदशहर के काले-आम चौराहे पर फांसी दी गई थी। इसके बाद आज़ादी के आंदोलन में आज़ाद हिंद फौज ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वाधीनता आंदोलन में भी जनपद के सैकड़ों क्रांतिकारियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि इन्हीं महान सेनानियों में एक नाम ग्राम चौगानपुर निवासी स्वाधीनता संग्राम सेनानी स्वर्गीय पीतम सिंह जी का है, जिनका योगदान भारतीय स्वतंत्रता इतिहास में अविस्मरणीय है। उनके सम्मान में परिवारजनों ने वर्ष 1983 में अपनी निजी पैतृक भूमि, खसरा संख्या 126 में लगभग 400 वर्ग मीटर क्षेत्र में उनका स्मृति स्थल, समाधि और बाबा भैरोनाथ जी का स्थल निर्मित कराया।
वहीं जिलाध्यक्ष अक्षय मुखिया ने जानकारी दी कि स्मृति स्थल के आसपास की भूमि को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अधिग्रहित कर बिल्डर परियोजना के लिए आवंटित कर दिया है। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण द्वारा स्मृति स्थल के भीतर लगभग 90 मीटर भूमि को लीज-बैक करने का प्रस्ताव भी प्रभावित परिवार को दिया गया है, जो स्वयं इस मामले की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
इस अवसर पर अधिवक्ता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट दिनेश भाटी ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी के परिवार द्वारा इस प्रकरण को लेकर माननीय इलाहाबाद हाईकोर्ट में सिविल याचिका भी दायर की गई है। इसके बावजूद बिल्डर द्वारा स्मृति स्थल पर अवैध कब्जे और उसे ध्वस्त करने की मंशा सामने आ रही है, जो न केवल विधि विरुद्ध है बल्कि देश के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और शहीदों के सम्मान पर भी आघात है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और वैधानिक तथ्यों के होते हुए स्मृति स्थल की सुरक्षा, संरक्षण और संवर्धन के लिए नियमों के अनुरूप ठोस वैधानिक प्रबंध किया जाना अनिवार्य है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 5 जनवरी को स्मृति स्थल पर पंचायत आयोजित की जाएगी। यदि प्रशासन और संबंधित पक्षों द्वारा संतोषजनक समाधान नहीं निकाला गया, तो पंचायत द्वारा आगे का बड़ा निर्णय लिया जाएगा। बैठक में बिजेंदर भाटी, अजब सिंह भाटी, विक्रांत भाटी, विकास कलशन, कादिर मेवाती, प्रवीण प्रधान, प्रदीप भाटी, पवन भाटी सहित बड़ी संख्या में किसान और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
