February 5, 2026

एनएईसी–एससीवीटी के बीच एमओयू, एक लाख युवाओं को मिलेगा रोजगारपरक प्रशिक्षण!

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यूपी में कौशल क्रांति को नई रफ्तार

पश्चिमी यूपी के युवाओं को मिलेगा उद्योग-आधारित प्रशिक्षण

महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा,

प्रशिक्षणार्थियों में आधी भागीदारी महिलाओं की

NEWS1UP

भूमेश शर्मा

लखनऊ/नोएडाउत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें रोजगार से जोड़ने की दिशा में निरंतर ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में प्रदेश में कौशल विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से नोएडा अपैरल एक्सपोर्ट क्लस्टर (एनएईसी) और राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एससीवीटी) के बीच एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह सहभागिता प्रदेश में उद्योग–शिक्षा समन्वय को मजबूत करते हुए एक सशक्त स्किल इकोसिस्टम की नींव रखेगी।

इस एमओयू के तहत एनएईसी द्वारा आगामी पांच वर्षों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 18 जनपदों के 128 विकास खंडों और 10,323 ग्रामों से जुड़े एक लाख युवाओं को 28 विभिन्न सेक्टरों में अल्पकालीन, उद्योग-आधारित कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण उपरांत 70,000 युवाओं को औद्योगिक इकाइयों में रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय रोजगार सृजन को भी बड़ा बल मिलेगा।

महिला सशक्तिकरण को मिलेगा विशेष प्रोत्साहन

इस महत्वाकांक्षी योजना की एक विशेष उपलब्धि यह है कि कुल प्रशिक्षणार्थियों में 50 प्रतिशत भागीदारी महिलाओं की सुनिश्चित की गई है। इससे न केवल महिलाओं की कार्यक्षमता और आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में भी यह पहल मील का पत्थर साबित होगी।

एनएईसी बनेगा उद्योग-आधारित स्किल ट्रेनिंग का हब

देश के प्रमुख अपैरल निर्यात क्लस्टरों में शुमार एनएईसी, गारमेंट एवं अन्य उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करेगा। प्रशिक्षण से लेकर प्लेसमेंट तक की संपूर्ण प्रक्रिया को एनएईसी अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म “कौशल गंगा” के माध्यम से संचालित करेगा। इसके अतिरिक्त “कौशल आजीविका” और “कौशल बाजार” पोर्टल प्रशिक्षणार्थियों को आजीविका के अवसरों और बाजार से सीधे जोड़ने में सहायक सिद्ध होंगे।

एससीवीटी करेगा मूल्यांकन और प्रमाणन

इस सहभागिता में राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। भारत सरकार की राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद से मान्यता प्राप्त अवार्डिंग बॉडी होने के नाते एससीवीटी सभी प्रशिक्षणार्थियों का मूल्यांकन एवं प्रमाणन करेगी। एनएईसी द्वारा प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी के लिए ₹1200 प्रमाणन शुल्क एससीवीटी को दिया जाएगा। साथ ही एससीवीटी अपने स्तर पर पाठ्यक्रम विकसित कर उन्हें राष्ट्रीय परिषद से अनुमोदित भी कराएगी।

कौशल से आत्मनिर्भरता की ओर उत्तर प्रदेश

प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार का संकल्प है कि प्रदेश का प्रत्येक युवा हुनरमंद बने और रोजगार के लिए भटकना न पड़े। एनएईसी और एससीवीटी के बीच हुआ यह एमओयू उद्योग और शिक्षा के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करेगा। इससे न केवल युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, बल्कि उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख स्किल हब के रूप में स्थापित होगा।

एमओयू हस्ताक्षर के अवसर पर प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता डॉ. हरिओम तथा विशेष सचिव एवं निदेशक एससीवीटी अभिषेक सिंह भी उपस्थित रहे। उन्होंने इस पहल को प्रदेश की कौशल नीति के लिए एक निर्णायक और ऐतिहासिक कदम बताया।

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