बीके शर्मा हनुमान का प्रहार: सनातन को चुनौती दोगे तो हर घर से वीर जन्म लेंगे!

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ब्राह्मण जाति नहीं, विचारधारा है

राष्ट्र निर्माण, त्याग और बलिदान को बताया असली ब्राह्मणत्व

NEWS1UP

संवाददाता

गाजियाबाद। विश्व ब्रह्मऋषि ब्राह्मण महासभा के पीठाधीश्वर ब्रह्मऋषि विभूति बीके शर्मा हनुमान ने चंद्रशेखर रावण के हालिया बयान को लेकर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि रावण द्वारा दिया गया “हर घर से संतोष वर्मा निकलेगा” वाला कथन समाज को बांटने और भड़काने का प्रयास है।

बीके शर्मा हनुमान ने तंज कसते हुए कहा, “अगर हर घर से संतोष वर्मा निकलेगा, तो हर घर से राम, परशुराम, हनुमान और मंगल पांडे भी निकलेंगे, जो किसी भी प्रकार की सामाजिक अशांति फैलाने वालों के सामने खड़े होंगे।” डॉ. रोहिणी घावरी के आरोपों का ज़िक्र करते हुए कहा कि ऐसे लोग “किसी का भला नहीं कर सकते ”

शर्मा ने अपने संबोधन में दावा किया कि इंदौर निवासी डॉ. रोहिणी घावरी द्वारा लगाए गए आरोपों ने चंद्रशेखर रावण की “असलियत” उजागर की है।

उन्होंने कहा- 

“जब आरोप लगे तो मुंह छिपाकर भागने वाले आज समाज को दिशा देने की बात कर रहे हैं। ऐसे चरित्र के लोग समाज में गंदगी ही फैलाते हैं, सुधार नहीं”

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत आरोप है और इसे समाज को सचेत करने के उद्देश्य से सामने रखा जा रहा है।

आदि धर्म को मिटाना असंभव

बीके शर्मा हनुमान ने कहा कि चंद्रशेखर रावण के बयान “सनातन धर्म को कमजोर करने का षड्यंत्र” प्रतीत होते हैं। उन्होंने कहा कि “सनातन धर्म आदि-अनादि है। ऐसे अनेक लोग आए, जिन्होंने इसे समाप्त करने की कोशिश की, लेकिन इतिहास गवाह है कि वे खुद मिट गए, धर्म आज भी विश्व कल्याण में अग्रणी है और हमेशा रहेगा।”

ब्राह्मण समाज को संगठित होने का आह्वान

उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज पर कीचड़ उछालने वालों को समय रहते जवाब देना होगा। हनुमान ने कहा कि “ब्राह्मण कोई जाति नहीं, एक विचारधारा है, विश्व बंधुत्व की विचारधारा, त्याग और बलिदान इसकी कसौटी है।”

बीके शर्मा हनुमान ने इसे राष्ट्रनिर्माण का मूल स्तंभ बताते हुए कहा कि-

देश-काल-परिस्थिति के अनुसार समाज को नई दिशा देना ब्राह्मण की परंपरा रही है। राष्ट्र सुरक्षा और जागरण का भार आज भी सच्चे ब्राह्मणों पर है”

गाजियाबाद में दिया गया बीके शर्मा हनुमान का यह बयान राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर नई बहस को जन्म दे रहा है। चंद्रशेखर रावण के बयान से उठी चिंगारी ने अब एक बड़े वैचारिक संघर्ष का रूप ले लिया है, जिसमें सनातन, समाज, ब्राह्मण विचारधारा और कथित आरोप, सब एक साथ चर्चा के केंद्र में आ गए हैं।

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