February 9, 2026

राजनगर एक्सटेंशन की ‘पाम कुंज विलास’ में बढ़ते संकट पर उठा जनाक्रोश!

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सुरक्षा चूक और बिल्डर की लापरवाही  के खिलाफ

निवासियों का धरना- प्रदर्शन

NEWS1UP

भूमेश शर्मा

गाजियाबाद।  राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में स्थित पाम कुंज सोसाइटी में आज निवासियों ने बिल्डर की लगातार लापरवाही, सुरक्षा खामियों और अधूरी सुविधाओं के विरोध में जोरदार धरना–प्रदर्शन किया। बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं सहित बड़ी संख्या में लोग मुख्य गेट पर एकत्र हुए और सोसाइटी के भीतर व्याप्त गंभीर सुरक्षा जोखिमों तथा मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर अपनी नाराज़गी प्रकट की। पाम कुंज कुल 68 विला की सोसाइटी है जिसमें करीब 40 परिवार फ़िलहाल रह रहे हैं। 

पाम कुंज के AOA प्रेसिडेंट शशांक जायसवाल कहते हैं कि-

यहाँ सुरक्षा व्यवस्था चरमराई हुई है, रखरखाव ठप पड़ा हुआ है। सोसाइटी के कई हिस्सों में सीसीटीवी कैमरे निष्क्रिय या खराब पड़े हैं। रात्रि पाली में अनुभवहीन या अनुपस्थित सुरक्षाकर्मी, जिससे सुरक्षा जोखिम बढ़ गया है। बाहर से आने वाले लोगों का सत्यापन और वाहन एंट्री सिस्टम का अभाव है। हाल ही में अनधिकृत प्रवेश के कई मामले सामने आए, जिससे निवासियों में भय और असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है।

 बिल्डर की मेंटेनेंस और सेफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर में लापरवाही

निवासी बताते हैं कि बिल्डर द्वारा वादे किए गए सिक्योरिटी इंस्टॉलेशन और एक्सेस-कंट्रोल सिस्टम अधूरे पड़े हैं। लिफ्ट, फायर सेफ्टी इक्विपमेंट और पेरिमीटर लाइटिंग का समय पर मेंटेनेंस नहीं होता है। कॉमन एरिया का रख-रखाव ठीक से नहीं किया जा रहा है जिससे सुरक्षा से जुड़े कई जोखिम बढ़ गए हैं। सैकड़ों बार लिखित शिकायत की गईं, अनुरोध किये गए लेकिन और कई कम्युनिटी मीटिंग्स की गईं परन्तु बिल्डर द्वारा बार-बार वादा खिलाफी ही की जा रही है। 

सपनों का घर बना संघर्ष का सबब

यह विरोध केवल सुविधाओं की कमी का मामला नहीं, बल्कि उन तमाम परिवारों की वेदना है जिन्होंने बीस–तीस साल का कर्ज लेकर और अपनी जीवन भर की पूँजी लगाकर, एक सुरक्षित, शांत और सम्मानजनक जीवन के लिए घर खरीदा… लेकिन बदले में उन्हें असुरक्षा, लापरवाही, अधूरी सुविधाएँ और रोजमर्रा के संघर्षों से भरा ‘नारकीय’ जीवन ही मिला है।

निवासियों का कहना है कि बिल्डर बिक्री के समय बड़े–बड़े सपने दिखाते हैं, लेकिन कब्जा मिलने के बाद अपने दायित्वों से मुंह मोड़ लेते हैं। यह खरीदारों के साथ सीधा विश्वासघात है।

जवाबदेही सुनिश्चित होने तक संघर्ष जारी रहेगा

प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि उनकी मांगें सीधी और न्यायसंगत हैं। जब तक सोसाइटी में सुरक्षा तंत्र को तत्काल मजबूत, सभी पेंडिंग इंस्टॉलेशन और सुविधाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा नहीं करता है। और बिल्डर एक फॉर्मल, टाइम-बाउंड एक्शन प्लान residents को नहीं सौंपता है। तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। इसके अतिरिक्त प्रदर्शनकारी निवासियों का यह भी कहना है कि बिल्डर द्वारा हर प्रगति पर पारदर्शी संवाद और नियमित अपडेट सुनिश्चित किया जाए।

पाम कुंज सोसाइटी की स्थिति केवल एक सोसाइटी की समस्या नहीं, बल्कि शहरी भारत के तेजी से बढ़ते मध्यमवर्गीय आवास क्षेत्रों में व्याप्त व्यवस्थागत खामियों का दर्पण है। यह घटना संकेत देती है कि मजबूत नियामक तंत्र, बिल्डर जवाबदेही, पारदर्शिता और समयबद्ध सुविधा उपलब्धता की कितनी गंभीर आवश्यकता है।

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