February 5, 2026

किन्नर अखाड़े से ममता कुलकर्णी निष्कासित!

0
0
0

शंकराचार्य पर बयान पड़ा भारी

अखाड़े ने तोड़ा नाता

NEWS1UP

विशेष संवाददाता

प्रयागराज। माघ मेले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। पूर्व बॉलीवुड अभिनेत्री और हाल ही में महामंडलेश्वर बनीं ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर दिए गए बयान के बाद किन्नर अखाड़े ने यह कड़ा फैसला लिया है।

अखाड़े का बड़ा एक्शन

किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी प्रो. डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने साफ कहा है कि ममता कुलकर्णी के बयान से अखाड़े की छवि असहज हुई और बिना विचार-विमर्श के इस तरह की टिप्पणी करना अनुशासनहीनता है। अखाड़े ने स्पष्ट किया कि अब यामाई ममता नंद गिरी उर्फ ममता कुलकर्णी अखाड़े की सदस्य भी नहीं रहीं।

ममता कुलकर्णी का बयान बना विवाद की जड़

दो दिन पहले माघ मेले में धरने पर बैठे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर ममता कुलकर्णी ने तीखी टिप्पणी की थी।

उन्होंने कहा था-

“कानून सबके लिए बराबर है, चाहे राजा हो या रंक, गुरु हो या शिष्य। सिर्फ चार वेद कंठस्थ कर लेने से कोई शंकराचार्य नहीं बन जाता। उनमें काफी अहंकार है और आत्मज्ञान शून्य है।”

यही बयान अब उनके निष्कासन की मुख्य वजह बना।

किन्नर अखाड़े ने खुद को किया अलग

आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि यह ममता कुलकर्णी का व्यक्तिगत बयान है, इससे किन्नर अखाड़े का कोई लेना-देना नहीं है।

अखाड़े ने दो टूक कहा-

शंकराचार्य विवाद पर कोई टिप्पणी नहीं, न किसी को सही, न किसी को गलत, अखाड़ा हर तरह के विवाद से दूर रहना चाहता है।

बटुक ब्राह्मण प्रकरण पर नाराज़गी

किन्नर अखाड़े ने बटुक ब्राह्मणों के साथ हुई कथित बदसलूकी पर नाराज़गी जाहिर की, लेकिन साथ ही कहा कि किसी एक घटना के कारण सनातन धर्म की परंपराओं की खिल्ली नहीं उड़नी चाहिए। अखाड़े का आरोप है कि प्रशासन को इस पूरे मामले को बेहतर ढंग से संभालना चाहिए था।

महामंडलेश्वर से निष्कासन तक

गौरतलब है कि 24 जनवरी 2025 को महाकुंभ के दौरान ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाड़े ने महामंडलेश्वर की उपाधि दी थी। लेकिन महज कुछ ही दिनों में यह पद छिन जाना यह दिखाता है कि अखाड़े में पद से ऊपर मर्यादा और अनुशासन है।

किन्नर अखाड़े ने साफ कहा है कि वह किसी भी तरह की बयानबाज़ी, टकराव या सनातन विरोधी माहौल का हिस्सा नहीं बनेगा। अखाड़े का फोकस केवल आध्यात्म, समरसता और शांति पर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!