लाजपत राय महाविद्यालय और प्लाब फाउंडेशन साथ आए, छात्रों को मिलेगी वित्तीय साक्षरता!
छात्र भविष्य को संवारने वाला समझौता
सिर्फ डिग्री नहीं, वित्तीय समझ भी
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। तेजी से बदलते आर्थिक परिवेश में छात्रों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित रखना अब पर्याप्त नहीं है। इसी सोच को साकार करते हुए लाजपत राय महाविद्यालय, साहिबाबाद ने प्लाब (PLAAB पढ़ो, लिखो और आगे बढ़ो) फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को वित्तीय रूप से जागरूक, आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार बनाना है।
इस साझेदारी के तहत छात्रों को वित्तीय साक्षरता से जुड़े विभिन्न पहलुओं, जैसे व्यक्तिगत वित्त प्रबंधन, बचत की आदत, निवेश की समझ, कर नियोजन और उद्यमिता का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही शैक्षणिक सहयोग, कौशल विकास, औद्योगिक संपर्क, इंटर्नशिप, कार्यशालाओं और सेमिनारों के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराया जाएगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. उदय प्रताप सिंह ने कहा कि आज के युग में आर्थिक निर्णय लेने की समझ हर छात्र के लिए अनिवार्य है। यह एमओयू छात्रों को न केवल रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करेगा, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार और आत्मनिर्भर नागरिक बनने की दिशा में भी प्रेरित करेगा।
महाविद्यालय की निदेशिका डॉ. सरिता शर्मा ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों से निपटने योग्य बनाना है। इस समझौते के माध्यम से छात्र कक्षा की पढ़ाई को वास्तविक दुनिया से जोड़ सकेंगे और अपने कौशल को नए आयाम दे सकेंगे।
वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. भावना गर्ग ने इस पहल को विद्यार्थियों के करियर निर्माण में मील का पत्थर बताया, वहीं भौतिक विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज तिवारी ने कहा कि यह सहयोग विभिन्न विषयों के छात्रों को वित्तीय सोच और उद्यमशील दृष्टिकोण से जोड़ने का कार्य करेगा। डॉ. पी. एस. चौहान ने भी इस पहल को शिक्षा और समाज के बीच सकारात्मक सेतु बताया।
प्लाब फाउंडेशन की ओर से चंद्रेश गुप्ता ने कहा कि फाउंडेशन का उद्देश्य छात्रों को ज्ञान के साथ आत्मविश्वास और दिशा देना है। लाजपत राय महाविद्यालय के साथ यह समझौता युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।
यह एमओयू न केवल एक औपचारिक समझौता है, बल्कि छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की ओर उठाया गया एक ठोस कदम है, जो उन्हें ज्ञान, कौशल और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ाएगा।
