राजनगर एक्सटेंशन की ‘पाम कुंज विला’ में बिल्डर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के साथ भूख हड़ताल!
भूख हड़ताल पर बैठे निवासीगण
फ्लैट बेचते वक्त झूठे वादे, अब कॉमर्शियल कब्ज़ा
पाम कुंज विला में उबाल
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित पाम कुंज विला सोसाइटी में बिल्डर की मनमानी और निवासियों की सुरक्षा से खिलवाड़ के खिलाफ अब विरोध अपने चरम पर पहुंच चुका है। समस्याओं के समाधान को लेकर बार-बार गुहार लगाने के बावजूद जब बिल्डर की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो मजबूर होकर सोसाइटी के निवासियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
निवासियों का आरोप है कि बिल्डर ने फ्लैट बेचते समय जिस सपने और सुरक्षा का भरोसा दिलाया था, आज वही सपना उनके लिए डर और असुरक्षा में बदल चुका है। बीती 9 दिसंबर को सोसाइटी के मुख्य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन के बाद भी जब प्रशासन और बिल्डर की ओर से चुप्पी बनी रही, तो अब निवासियों ने आंदोलन को और तेज कर दिया है।
कॉमर्शियल प्लॉट्स ने बढ़ाई चिंता
सोसाइटी में कुल चार गेट हैं। निवासियों के अनुसार, फ्लैट खरीदते समय उन्हें किसी भी प्रकार के कॉमर्शियल प्रोजेक्ट की जानकारी नहीं दी गई थी। लेकिन अब गेट नंबर तीन पर बिल्डर द्वारा दो-दो सौ गज के छह प्लॉट कॉमर्शियल इस्तेमाल के लिए बेच दिए गए हैं। इन प्लॉट्स पर दर्जनों दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खुलने की आशंका है, जिनमें से कुछ पहले ही शुरू हो चुके हैं।
मुख्य द्वार से हो रही आवाजाही, सुरक्षा पर सवाल
सबसे गंभीर आरोप यह है कि इन व्यावसायिक गतिविधियों के लिए सोसाइटी के मुख्य गेट (गेट नंबर 1) का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे रोजाना दर्जनों अपरिचित लोगों का आना-जाना शुरू हो गया है। निवासियों का कहना है कि अधिकांश परिवार नौकरीपेशा हैं, जो सुबह घर से निकल जाते हैं और देर शाम लौटते हैं। ऐसे में दिनभर बाहरी लोगों की आवाजाही उनके बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुकी है।
एक निवासी ने आक्रोश जताते हुए कहा कि–
“अगर बिल्डर ने शुरू में ही साफ बता दिया होता कि यहां भविष्य में कॉमर्शियल प्रोजेक्ट भी होंगे और उनके लिए सोसाइटी के मुख्य गेट का इस्तेमाल किया जाएगा, तो हम कभी यहां घर नहीं खरीदते। आज हम खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।”
इस मुद्दे पर पाम कुंज प्रोजेक्ट के जीएम से बात करने के लिए उनके मोबाइल पर कॉल की गयी परन्तु कॉल नहीं उठी।
भूख हड़ताल पर बैठे निवासी
निवासियों का कहना है कि यह लड़ाई केवल सुविधाओं की नहीं, बल्कि उनके परिवारों की सुरक्षा और सम्मान की है। भूख हड़ताल पर बैठे निवासियों ने चेतावनी दी है कि जब तक बिल्डर कॉमर्शियल गतिविधियों पर रोक, अलग एंट्री-एग्जिट की व्यवस्था और सोसाइटी की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
पाम कुंज विला के निवासी अब जिला प्रशासन और विकास प्राधिकरण से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर समय रहते इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर बिल्डर और संबंधित अधिकारियों की होगी।
आज पाम कुंज विला में उठती यह आवाज सिर्फ एक सोसाइटी की नहीं, बल्कि उन तमाम घर खरीदारों की पीड़ा है, जो बिल्डरों के वादों पर भरोसा कर अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी पूंजी दांव पर लगा देते हैं।
