February 5, 2026

यूपी दिवस-2026 समारोह का भव्य एवं रंगारंग समापन!

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रॉक फ्यूज़न और भजन संध्या ने रचा सांस्कृतिक उत्सव

कला गांव, ओडीओसी व ओडीओपी बने आकर्षण का केंद्र

NEWS1UP

भूमेश शर्मा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और विकास यात्रा को समर्पित ‘यूपी दिवस-2026’ के अवसर पर राजधानी लखनऊ के राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर आयोजित तीन दिवसीय भव्य समारोह का 26 जनवरी को रंगारंग समापन हुआ। 24 से 26 जनवरी तक चले इस आयोजन ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, लोक कलाओं, संगीत और प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदेश की विविधता और रचनात्मक ऊर्जा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। लाखों की संख्या में पहुंचे दर्शकों की सहभागिता ने इस आयोजन को जनोत्सव का स्वरूप दे दिया।

मुख्य समारोह में विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियों ने प्रदेश की विकास यात्रा को रेखांकित किया, वहीं संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उत्तर प्रदेश की शास्त्रीय, लोक और समकालीन कलाओं को मंच प्रदान किया। वाराणसी के सौरव एवं गौरव मिश्रा द्वारा प्रस्तुत कथक नृत्य की शास्त्रीय लय और पूरन महाराज के तबला वादन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बनारस की श्वेता दुबे तथा आजमगढ़ के शीतला मोहन मिश्रा के मधुर गायन ने संगीत प्रेमियों को भावविभोर किया। लखनऊ के विशाल गुप्ता के शास्त्रीय नृत्य और उन्नाव के चंद्र भूषण के नाट्य मंचन को दर्शकों की खूब सराहना मिली।

युवाओं के बीच खास आकर्षण बने प्रसिद्ध इंडियन ओशन बैंड, जिनके रॉक और फ्यूज़न संगीत ने पूरे परिसर को ऊर्जा से भर दिया। दूसरे दिन, 25 जनवरी को मुंबई के विनीत सिंह की सुगम संगीत प्रस्तुति ने श्रोताओं की जमकर वाहवाही लूटी। इस दिन झांसी के वीरेंद्र सिंहल की बुंदेली प्रस्तुति, लखनऊ की रंजना अग्रहरी का लोक गायन, वाराणसी के गणेश पाठक का भजन गायन और वंदना कुशवाहा का राई लोकनृत्य विशेष आकर्षण रहा। राहुल-रोहित मिश्रा की कथक जोड़ी, हरीश तिवारी का शास्त्रीय गायन तथा इल्मास खान का तबला वादन कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाते रहे।

समापन दिवस, 26 जनवरी को प्रसिद्ध गायिका प्रतिभा सिंह बघेल की भजन एवं सुगम संगीत संध्या ने श्रद्धा और संगीत का अनुपम संगम प्रस्तुत किया। मथुरा की सुधा पाल के लोक नृत्य, दिल्ली की देविका एस. मंगलामुखी के कथक नृत्य, लखनऊ के अजय पांडेय के लोक गायन तथा कौशांबी के छेदीलाल के बिरहा गायन ने लोक जीवन की भावनाओं को जीवंत कर दिया। रायबरेली के शिव एवं शिवांग के गायन सहित विभिन्न घरानों की नृत्य-संगीत प्रस्तुतियों ने समारोह का भव्य समापन सुनिश्चित किया।

यूपी दिवस समारोह में मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजनाएं ओडीओसी (एक जिला–एक व्यंजन) और ओडीओपी (एक जिला–एक उत्पाद) भी विशेष आकर्षण रहीं। ओडीओसी के अंतर्गत प्रदर्शित व्यंजनों ने प्रदेश के पारंपरिक स्वाद से लोगों का मन मोह लिया, वहीं ओडीओपी के उत्पादों ने उत्तर प्रदेश की हस्तशिल्प, कारीगरी और स्थानीय उद्योगों की पहचान को सशक्त रूप से सामने रखा।

संस्कृति विभाग द्वारा स्थापित ‘कला गांव’ ने ग्रामीण उत्तर प्रदेश की जीवंत झलक प्रस्तुत की। रामायण के पात्रों के रूप में सजे कलाकार, कठपुतली नृत्य, रस्सी पर करतब, लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां और खाट पर चाय की व्यवस्था ने दर्शकों को आंचलिक संस्कृति से सीधे जोड़ दिया।

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