February 12, 2026

सीएम योगी की मौजूदगी में 27–28 दिसंबर को यूपी पुलिस का महा-मंथन!

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सीएम योगी की अध्यक्षता में

साइबर अपराध से लेकर संगठित अपराध तक पर गहन चर्चा

NEWS1UP

भूमेश शर्मा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बदलती अपराध प्रवृत्तियों, साइबर चुनौतियों और जन-केंद्रित पुलिसिंग को नई धार देने के उद्देश्य से 27 और 28 दिसंबर को पुलिस मुख्यालय, लखनऊ में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन की अध्यक्षता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे, जबकि प्रदेश के शीर्ष पुलिस अधिकारी इसमें भाग लेंगे।

पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि यह सम्मेलन केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की पुलिस व्यवस्था के भविष्य की दिशा तय करने वाला रणनीतिक मंच होगा। उन्होंने कहा कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य जन-केंद्रित पुलिसिंग को और मजबूत करना, प्रौद्योगिकी आधारित आधुनिक पुलिस प्रणाली विकसित करना और अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ प्रभावी व त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

11 विषयगत सत्र, 56 वरिष्ठ अधिकारियों की प्रस्तुतियाँ

डीजीपी ने जानकारी दी कि सम्मेलन में कुल 11 विषयगत सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें 11 वरिष्ठ नोडल आईपीएस अधिकारियों के साथ 45 अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी विभिन्न विषयों पर प्रस्तुतियाँ देंगे। इन सत्रों में पुलिस थाना प्रबंधन से लेकर खुफिया तंत्र, साइबर अपराध और संगठित अपराध तक, हर महत्वपूर्ण पहलू पर मंथन होगा।

पहले दिन महिला सुरक्षा और साइबर अपराध पर फोकस

27 दिसंबर को होने वाले सत्रों में बीट पुलिसिंग, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध, मानव तस्करी तथा पुलिस थाना प्रबंधन और उनके उन्नयन पर विस्तृत प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी। इसी दिन दोपहर के सत्र में साइबर अपराध, मानव संसाधन विकास, पुलिस कर्मियों का कल्याण, पुलिस व्यवहार और प्रशिक्षण, अभियोजन एवं कारागार व्यवस्था, साथ ही सीसीटीएनएस 2.0, नई न्याय संहिता और फोरेंसिक विज्ञान के एकीकरण जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।

दूसरे दिन भीड़ प्रबंधन, सोशल मीडिया और सीमा सुरक्षा पर मंथन

28 दिसंबर को आपदा प्रबंधन, नागरिक सुरक्षा और होमगार्ड, बड़े आयोजनों में भीड़ प्रबंधन, खुफिया जानकारी और उभरती चुनौतियों, जैसे सोशल मीडिया का दुरुपयोग, गैर सरकारी संगठनों की भूमिका और नेपाल सीमा से जुड़ी सुरक्षा चुनौतियाँ पर गहन विचार-विमर्श होगा। इसके अलावा आतंकवाद विरोधी अभियानों, मादक पदार्थों की तस्करी, पशु चोरी और अन्य संगठित अपराधों पर भी रणनीति तैयार की जाएगी।

नवाचार और सर्वोत्तम प्रथाओं पर विशेष सत्र

डीजीपी ने बताया कि सम्मेलन के अंतिम दिन दोपहर में एक अतिरिक्त सत्र पुलिसिंग में सर्वोत्तम प्रथाओं और नवाचारों को समर्पित होगा, जिसमें प्रदेश भर में लागू किए गए सफल प्रयोगों और नई पहल को साझा किया जाएगा।

सीएम योगी रहेंगे दोनों दिन मौजूद

सम्मेलन की अहमियत को रेखांकित करते हुए डीजीपी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोनों दिन पूरे सम्मेलन में उपस्थित रहेंगे और विभिन्न सत्रों के निष्कर्षों के आधार पर पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए दिशा-निर्देश देंगे।

इस दो दिवसीय सम्मेलन को उत्तर प्रदेश में आधुनिक, तकनीक-सक्षम और जनता के प्रति जवाबदेह पुलिसिंग की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

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