कफ सिरप तस्करी: गाजियाबाद सहित 25 ठिकानों पर छापेमारी! 1000 करोड़ रुपये से अधिक का ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ उजागर
ईडी का देशव्यापी अभियान
25 ठिकानों पर छापेमारी से बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़
NEWS1UP
विशेष संवाददाता
लखनऊ/नई दिल्ली। कोडीन आधारित कफ सिरप की अवैध सप्लाई और तस्करी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार सुबह बड़ा अभियान चलाया। लखनऊ जोनल ऑफिस की अगुवाई में की गई इस कार्रवाई में सुबह करीब 7:30 बजे उत्तर प्रदेश, झारखंड और गुजरात में 25 ठिकानों पर एकसाथ छापेमारी शुरू की गई। यह कार्रवाई पिछले दो महीनों में दर्ज 30 से अधिक प्राथमिकी और पुलिस की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर की जा रही है।
अवैध कारोबार की जड़ में फर्जी फर्में

ईडी के अधिकारियों के अनुसार छापेमारी उन स्थानों पर की जा रही है जहाँ फर्जी फर्मों के नाम पर बड़े पैमाने पर कोडीन युक्त कफ सिरप की खरीद-फरोख्त और सप्लाई के साक्ष्य मिले हैं। कई फर्में ऐसे पते पर संचालित दिखी हैं जहाँ वास्तविक रूप से कोई कारोबार नहीं था।
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ दवा निर्माता कंपनियों ने नियमों के उल्लंघन के साथ कफ सिरप की भारी सप्लाई अवैध कारोबारी चैनल को मुहैया कराई। इन्हीं सिरप की खेपें आगे यूपी व सीमावर्ती राज्यों के माध्यम से नेपाल और बांग्लादेश तक भेजी जा रही थीं।
मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल फरार, दुबई में छिपे होने की आशंका!
इस पूरे नेटवर्क का संचालन कथित तौर पर शुभम जायसवाल द्वारा किया जा रहा था, जो फिलहाल फरार है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि वह दुबई में छिपा हो सकता है। शुभम के पिता भोला प्रसाद को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। उत्तर प्रदेश पुलिस अब तक इस मामले में 32 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनसे कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ ईडी के पास पहुँची हैं।
CA विष्णु अग्रवाल सहित कई कारोबारी ईडी के रडार पर
लखनऊ और वाराणसी में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) विष्णु अग्रवाल तथा मुख्य आरोपी से जुड़े अलोक सिंह, अमित सिंह और कई सप्लायरों के यहां भी ईडी की टीमों ने तलाशी ली है। एजेंसी को संदेह है कि इन लोगों ने फर्जी कंपनियों की स्थापना, उनके दस्तावेजों की तैयारी और अवैध पैसे की लेयरिंग व ट्रांसफर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
1000 करोड़ रुपये से अधिक के अवैध धन का लेनदेन
जांच में अब तक यह सामने आया है कि इस रैकेट के जरिए 1000 करोड़ रुपये से अधिक का ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ उत्पन्न और संचालित किया गया। अवैध धन को हवाला चैनलों, बेनामी खातों और नकली इनवॉयस के माध्यम से वैध दिखाने का प्रयास किया गया।
ईडी विभिन्न डिजिटल उपकरणों, बैंक खातों और वित्तीय दस्तावेजों का फॉरेंसिक विश्लेषण कर रही है।
कहां-कहां हुई छापेमारी ?
उत्तर प्रदेश के
लखनऊ, वाराणसी, जौनपुर, सोनभद्र, सहारनपुर, गाजियाबाद
झारखंड:
रांची
गुजरात:
अहमदाबाद
सहित कई स्थानों पर गोदाम, बंद दुकानें और कागजों में चल रही फर्जी कंपनियों का खुलासा हुआ है।
अब ईडी की अगली कार्रवाई क्या होगी ?
सूत्रों के अनुसार ईडी जल्द ही अवैध कमाई से जुड़ी संपत्तियों की अस्थायी कुर्की, बैंक खातों की फ्रीजिंगऔर मुख्य आरोपी के खिलाफ इंटरपोल नोटिस जारी करने की दिशा में आगे बढ़ सकती है। साथ ही, उन दवा कंपनियों पर भी कार्रवाई की संभावना है जिन्होंने नियमों का उल्लंघन करते हुए संदिग्ध सप्लाई की।
फार्मा तस्करी नेटवर्क का अब तक का सबसे बड़ा खुलासा
इस मामले ने उत्तर भारत में कोडीन आधारित कफ सिरप की अवैध सप्लाई और उससे जुड़े संगठित आपराधिक नेटवर्क की गहराई को उजागर किया है। ईडी की ताबड़तोड़ कार्रवाई से इस रैकेट की कई परतें खुल गई हैं और आने वाले दिनों में कई और खुलासे होने की संभावना है।
