युवराज मेहता मामला: SIT रिपोर्ट से पहले प्राधिकरण के जवाब पर सवाल!
SIT आज सौंप सकती है रिपोर्ट
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
नोएडा। युवा इंजीनियर युवराज मेहता की मौत अब महज़ एक सड़क दुर्घटना नहीं रही। एसआईटी जांच जैसे-जैसे अंतिम चरण में पहुँची है, यह मामला शहरी विकास, प्राधिकरणीय जवाबदेही और “चलता है” संस्कृति पर तीखा सवाल बनता जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, विशेष जांच टीम (SIT) आज अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है। नोएडा प्राधिकरण द्वारा दिया गया 60 पन्नों का लिखित जवाब टीम को संतुष्ट नहीं कर पाया। इसका सीधा संकेत है कि काग़ज़ों पर जवाब भले भारी हों, लेकिन ज़मीनी हकीकत उनसे मेल नहीं खा रही।
सवाल सड़क का नहीं, सोच का है
जांच का फोकस केवल उस रात के घने कोहरे या ड्राइवर की चूक पर नहीं रहा, बल्कि आवंटन प्रक्रिया में लापरवाही, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और निर्माण स्थलों की बेतरतीब निगरानी पर रहा। सेक्टर-150 में जिस तरह कार के पानी से भरे गड्ढे में गिरने का सीन रीक्रिएट किया गया, उसने साफ कर दिया कि खतरा अचानक नहीं बना था, उसे समय रहते रोका जा सकता था।

जवाबदेही की असली परीक्षा
एसआईटी का देर रात तक प्राधिकरण कार्यालय में बैठना और असंतोष जताना बताता है कि जांच औपचारिकता नहीं है। अब रिपोर्ट के बाद अधिकारियों पर कार्रवाई की संभावना है, और यही इस केस की असली परीक्षा होगी। क्या कार्रवाई सिर्फ निचले स्तर तक सीमित रहेगी, या फैसले लेने वालों तक पहुँचेगी?
एक मौत, कई चेतावनियाँ
16–17 जनवरी की रात युवराज मेहता की कार दीवार तोड़कर पानी में गिरी और उनकी जान चली गई। पुलिस केस, गिरफ्तारियाँ और बयान अपनी जगह हैं, लेकिन यह घटना उन सैकड़ों निर्माण स्थलों की याद दिलाती है जहाँ सुरक्षा केवल फाइलों में होती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित एसआईटी से उम्मीद है कि रिपोर्ट केवल दोष गिनाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह तय करेगी कि भविष्य में किसी और युवराज की ज़िंदगी यूँ लापरवाही की भेंट न चढ़े।
