ऑस्ट्रेलिया में नाबालिगों पर सोशल मीडिया प्रतिबंध लागू, भारत में भी बढ़ीं चिंताएँ !

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सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों पर सख्त कार्रवाई

NEWS1UP

टेक्नोलॉजी न्यूज़ डेस्क

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया बुधवार आधी रात से 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों को सोशल मीडिया उपयोग से रोकने वाला दुनिया का पहला देश बनने जा रहा है। नए कानून के तहत इंस्टाग्राम, टिकटॉक, यूट्यूब सहित 10 बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को नाबालिग उपयोगकर्ताओं के खातों को ब्लॉक करना होगा, अन्यथा कंपनियों पर लगभग 33 मिलियन डॉलर तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकेगा।

यह फैसला चार वर्षों से बढ़ रहे उन वैश्विक दबावों की परिणीति माना जा रहा है, जिनमें सोशल मीडिया के कारण किशोरों में मानसिक अवसाद, आत्महत्या, आत्मसम्मान में गिरावट और साइबरबुलिंग जैसी घटनाएँ तेजी से बढ़ने की रिपोर्टें सामने आई थीं। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने इसे “बच्चों की सुरक्षा के लिए अति आवश्यक कदम” बताया है, हालांकि तकनीकी कंपनियों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और इंटरनेट स्वतंत्रता में “सरकार का अत्यधिक दखल” कहा है।

ऑस्ट्रेलिया सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि यह प्रतिबंध एक “लाइव प्रयोग” होगा, जिसे वैश्विक स्तर पर अन्य देश अध्ययन करेंगे। डेनमार्क, मलेशिया और अमेरिका के कुछ राज्यों ने पहले ही ऐसे कदमों पर विचार करने की घोषणा कर दी है ।

भारत पहले से ही कड़े नियमों  कि दिशा में आगे !

भारत में “डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) अधिनियम”, 2023 से ही लागू !

डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) अधिनियम, 2023 के अनुसार, 18 साल से कम उम्र के बच्चों का कोई भी डिजिटल डेटा लेने या उपयोग करने से पहले माता-पिता या अभिभावक की अनुमति ज़रूरी है। बच्चों पर आधारित विज्ञापन, प्रोफाइलिंग या ऑनलाइन ट्रैकिंग इस अधिनियम में प्रतिबंधित है, ताकि उनका गलत उपयोग न हो सके। साथ ही, कंपनियों और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म को बच्चों का डेटा सुरक्षित रखना और ज़रूरत पड़ने पर उसे हटाने की सुविधा देना आवश्यक है। भारत में DPDP-2023 अधिनियम बच्चों को डिजिटल दुनिया में अधिक सुरक्षित और

गोपनीयता के साथ जुड़ने की सुविधा देता है।

50 करोड़ से ज्यादा भारतीय बच्चे-किशोर ऑनलाइन

भारत एक विशाल डिजिटल अर्थव्यवस्था है। जहाँ सोशल मीडिया स्कूल और शिक्षा का हिस्सा बन चुका है, वहीं साइबरबुलिंग, एडिक्शन, अश्लील कंटेंट, मेंटल हेल्थ जैसे गंभीर समस्यायों ने बड़े शहरों में पैरेंट्स के माथे पे चिंता की लकीरें डाल दी हैं । हालांकि भारत ने अभी आयु-आधारित ऑस्ट्रेलिया की 16+ नियम सोशल मीडिया प्रतिबंध लागू नहीं किया है । ऑस्ट्रेलिया का मॉडल भारत के लिए मिसाल बन सकता है।

Tech कंपनियों के लिए भारत में अचानक करोड़ों अकाउंट बंद करना मुश्किल होगा क्योंकि करोड़ों किशोर उपयोगकर्ता उनके लिए एक विशाल बाज़ार हैं और अचानक करोड़ों अकाउंट बंद करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण और घाटे का सौदा होगा।
फिर भी सवाल वही है, जब देश में नोटबंदी हो सकती है तो भविष्य में “डिजिटल अकाउंट बंदी” क्यों नहीं ?

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