साइकिल से साइबर तक: बागपत के अमन कुमार बने युवाओं की डिजिटल आवाज!
सरकारी अवसरों की जानकारी देने वाली वेबसाइट बनाई
84 लाख से अधिक युवाओं ने किया इस्तेमाल
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
बागपत/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद के छोटे से गांव ट्यौढी से निकला एक नाम आज राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों पर युवाओं की पहचान बन रहा है। कभी साइकिल पर अख़बार बेचकर घर का खर्च चलाने वाले अमन कुमार आज इंटरनेशनल यूथ आइकॉन के रूप में बागपत और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। अमन कुमार संघर्ष, संकल्प और योगी सरकार के सहयोग से ऐसा उदाहरण बन चुका है, जो लाखों युवाओं को प्रेरणा दे रहा है।
गरीबी, बाल मजदूरी और संसाधनों की कमी से जूझते हुए अमन ने हार नहीं मानी। 12वीं के बाद उन्होंने युवाओं को अवसरों से जोड़ने का संकल्प लिया और एक साधारण व्हाट्स-ऐप ग्रुप से शुरू हुई पहल को वेबसाइट प्रोजेक्ट ‘कॉन्टेस्ट 360’ में बदला। शिक्षा, स्कॉलरशिप, करियर और सरकारी अवसरों की जानकारी देने वाली इस डिजिटल पहल तक अब तक 84 लाख से अधिक युवा पहुंच चुके हैं।

बागपत में प्रशासन के साथ मिलकर अमन ने तकनीक को जनसेवा का माध्यम बनाया। कांवड़ यात्रा ऐप (2022) से साढ़े तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं को यात्रा मार्ग, चिकित्सा और आपात सेवाओं की जानकारी मिली। इसके बाद स्वीप बागपत ऐप के जरिए लोकसभा चुनाव में सवा लाख मतदाताओं तक निर्वाचन आयोग की सेवाएं पहुंचाईं। जिलाधिकारी अस्मिता लाल के मार्गदर्शन में उन्होंने सूचना सेतु ऐप, बागपत फॉर एनिमल्स ऐप और डिजिटल पंचायत वेबसाइट (फैजपुर निनाना) जैसे नवाचारों से जिले में ई-गवर्नेंस का मॉडल खड़ा किया।
आज अमन यूपी सरकार के युवा कल्याण विभाग से संबद्ध उड़ान यूथ क्लब के अध्यक्ष हैं। उन्हें स्वामी विवेकानंद यूथ अवॉर्ड सहित अनेक राष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं। वर्ष 2026 के विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग में वे टीम यूपी के ग्रुप कैप्टन रहे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष युवाओं की अगुवाई की। यूनेस्को, यूनिसेफ और कई वैश्विक संस्थानों से जुड़कर वे बागपत से देश-दुनिया तक युवाओं को जोड़ने का काम कर रहे हैं।
बागपत का यह बेटा आज साबित कर रहा है कि सही नीति, तकनीक और संकल्प मिल जाए तो छोटे गांव से भी बड़े बदलाव की शुरुआत हो सकती है।
