…अब पिछड़ों की बारी, सीएम योगी आदित्यनाथ ने की आगे लाने की तैयारी!
सीएम योगी आदित्यनाथ विकसित यूपी की बात करते हैं। अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए वो समाज के हर तबके को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते हैं। इसी क्रम में अब उन्होंने अनुसूचित जाति को एक नई सौगात दी है।
NEWS1UP
रेनू शिरीष शर्मा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार लगातार प्रदेश की प्रगति और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास के नारे पर अग्रसर हैं। योगी सरकार आखिरी पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति को विकास योजनाओं से लाभान्वित करने का लक्ष्य साधे हैं। प्रदेश सरकार ने इसी कड़ी में आगे बढ़ते हुए 12,492 गांवों को चिन्हित किया है।

12,492 गांव चिन्हित
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से चिन्हित किए गए ये वो गांव हैं, जिनकी 40 फीसदी आबादी अनुसूचित जाति है। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत इन गांवों को चुना गया है। जिसके चलते सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ 12,492 गांवों के ग्रामीणों को मिलने वाला है। सीधे तौर पर इन गांवों को अब योजनाओं से जोड़ा जाएगा। यानि अब इन गांवों में विकास की बयार बहने वाली है।
मूलभूत सुविधाओं का मिलेगा लाभ
चिन्हित गांव आने वाले वक्त में मूलभूत सुविधाओं से लैस दिखाई देंगे। गांवों में स्वच्छ पेयजल की बेहतर व्यवस्था की जाएगी, बोरवेल लगाए जाएंगे, विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालयों का निर्माण होगा, सोलर और स्ट्रीट लाइट स्थापित की जाएंगी, डिजिटल लाइब्रेरी और शवदाह गृह के साथ तमाम योजनाओं से गांव सुसज्जित होगा।
क्या है प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना ?
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत सरकार विकास के लिए गांवों का चयन करती है। सरकार का फोकस उन गांवों पर ज्यादा होता है, जिनकी कुल आबादी का पचास या चालीस प्रतिशत हिस्सा अनूसूचित जाति होती है। पिछड़ों को अग्रणी लाने, समावेशी समाज में समानता के स्तर पर खड़ा करने के लिए ये योजना सरकार की ओर से संचालित की जाती है। योजना के तहत ही गांवों में मूलभूत सुविधाओं को पहुंचाया जाता है।
योगी सरकार की दूरदर्शी सोच
सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी सरकार ग्रामीणों के जीवन स्तर को बेहतर करने और गांवों का संगठनात्मक विकास करने के साथ बुनियादी ढांचे को सुदृढृ कर रही है, ताकि समावेशी विकास की दौड़ में कोई भी पीछे ना छूट जाएं। दूरदर्शी नतीजों के लिए सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर ध्यान केंद्रित किए है, जिससे विकसित उत्तर प्रदेश का सपना सच हो सके।
