मकर संक्रांति पर संगम में उमड़ा आस्था का महासैलाब: 1.03 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई पुण्य की डुबकी!

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साफ मौसम में दो दिनों में स्नानार्थियों की संख्या 2 करोड़ के करीब

प्रशासनिक चौकसी से सकुशल संपन्न हुआ स्नान पर्व

NEWS1UP

विशेष संवाददाता

प्रयागराज। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर प्रयागराज स्थित त्रिवेणी संगम आस्था, श्रद्धा और सनातन चेतना का विराट केंद्र बन गया। माघ मेले के दूसरे स्नान पर्व पर देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने संगम में पुण्य की डुबकी लगाकर धर्म और परंपरा के प्रति अपनी अटूट आस्था प्रकट की। साफ और सुहावने मौसम के चलते श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर वृद्धि होती रही और प्रशासन के अनुसार सूर्यास्त तक 1.03 करोड़ लोगों ने संगम स्नान किया, जबकि बीते दो दिनों में स्नानार्थियों की कुल संख्या 2 करोड़ के आसपास पहुंच गई।

सुबह तड़के से ही मेला क्षेत्र के सभी प्रमुख घाटों पर हर-हर महादेव और जय गंगा मैया के उद्घोष गूंजने लगे। कल्पवासी श्रद्धालु त्रिवेणी तट पर पहुंचकर विधिवत स्नान, खिचड़ी-गुड़ का दान और संक्रांति पूजन करते नजर आए। दंडी साधु, आचार्य संप्रदाय के संतों और नागा संन्यासियों ने गंगा के विभिन्न घाटों पर उत्तरायण सूर्य की आराधना के साथ स्नान किया। यद्यपि माघ मेले में अखाड़ों का औपचारिक स्नान नहीं होता, फिर भी कई अखाड़ों से जुड़े साधु-संत व्यक्तिगत रूप से संगम पहुंचे और मोक्ष की कामना के साथ पुण्य स्नान किया।

इसी क्रम में ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गंगा पूजन कर अपनी ‘गो प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा’ का विधिवत शुभारंभ किया, जिसने श्रद्धालुओं के बीच विशेष आध्यात्मिक संदेश दिया।

किन्नर अखाड़े का भव्य स्नान और संकल्प का आह्वान

मकर संक्रांति के स्नान पर्व पर सनातनी किन्नर अखाड़े की उपस्थिति माघ मेले का विशेष आकर्षण रही। प्रयागवाल नगर में कल्पवास कर रहे किन्नर अखाड़े के साधु-शिष्यों ने पूरे उत्साह के साथ गंगा तट की ओर प्रस्थान किया। मार्ग में तांडव नृत्य की प्रस्तुति ने वातावरण को भक्तिमय और अलौकिक बना दिया। गंगा तट पहुंचकर अखाड़े के सदस्यों ने सर्वप्रथम अपनी कुलदेवी बउचरा माता का स्नान कराया, इसके पश्चात सामूहिक गंगा स्नान संपन्न हुआ।

अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरी ने इस अवसर पर बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे उत्पीड़न का उल्लेख करते हुए सभी सनातनियों से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिए गए एकता के संदेश को अब संकल्प में बदलने का समय आ गया है, क्योंकि एकजुटता से ही सनातन समाज सुरक्षित और सशक्त रह सकता है।

चाक-चौबंद व्यवस्था से सकुशल आयोजन

मेला क्षेत्र के चप्पे-चप्पे पर प्रशासनिक चौकसी नजर आई। सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी व्यवस्थाएं पूरी तरह सक्रिय रहीं। मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि गुरुवार शाम 4 बजे तक 91 लाख से अधिक श्रद्धालु स्नान कर चुके थे, जो सूर्यास्त तक बढ़कर 1.03 करोड़ हो गए। प्रशासन की सतर्क और समन्वित कार्यप्रणाली के चलते मकर संक्रांति का यह विशाल स्नान पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न हुआ।

माघ मेले के इस स्नान पर्व ने एक बार फिर प्रयागराज को आस्था, परंपरा और राष्ट्रीय एकता के अद्वितीय संगम के रूप में स्थापित कर दिया।

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