ज़हरीली हवा! वर्क फ्रॉम होम और स्कूल बंद होने की नौबत, जानिए क्या है GRAP-3 और लग सकती हैं कौन-कौन सी पाबंदियां!

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दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता “गंभीर” श्रेणी में

प्रशासन ने GRAP-3 लागू करने की तैयारी शुरू की

NEWS1UP

संवाददाता

दिल्ली/नोएडा/गाजियाबाद। एनसीआर की हवा एक बार फिर ज़हर में बदल चुकी है। ठंड के मौसम में बढ़ते धुएं और धूल के कारण राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण “गंभीर” स्तर पर पहुंच गया है। गाजियाबाद के वसुंधरा में एक्यूआई 355 जबकि नोएडा में 330 दर्ज किया गया। ऐसे में अब GRAP-3 लागू होने की संभावना बढ़ गई है, जिसके तहत स्कूल बंद, वर्क फ्रॉम होम और निर्माण गतिविधियों पर रोक जैसी सख्त पाबंदियां लगाई जा सकती हैं। यदि अगले 48 घंटों में सुधार नहीं हुआ, तो GRAP-3 के तहत सख्त पाबंदियां लागू हो जाएंगी। साफ हवा के लिए प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी, क्योंकि अब “साफ हवा” एक अधिकार नहीं, आवश्यकता बन चुकी है।

 दिल्ली-NCR में सांस लेना हुआ मुश्किल

राजधानी दिल्ली के आनंद विहार, रोहिणी और चांदनी चौक में सोमवार सुबह एक्यूआई 400 के आसपास दर्ज हुआ। हवा में घुले सूक्ष्म कण (PM2.5 और PM10) ने प्रदूषण के स्तर को “Hazardous” बना दिया है। लोगों की आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कतें बढ़ने लगी हैं।

 गाजियाबाद और नोएडा का हाल

  • गाजियाबाद (वसुंधरा): AQI 355 (Severe)

  • नोएडा: AQI 330 (Very Poor)

  • दिल्ली (आनंद विहार): AQI 400+ (Severe)

नोएडा और गाजियाबाद प्रशासन ने नगर निगमों को धूल नियंत्रण, पानी का छिड़काव और स्मॉग गन संचालन के निर्देश दिए हैं। गाजियाबाद में 45 स्प्रिंकलर और 15 स्मॉग गन तैनात की गई हैं।

 GRAP-3 लागू हुआ तो ये पाबंदियां लगेंगी

गैर-जरूरी निर्माण व ध्वस्तीकरण कार्य बंद।

पुराने डीजल वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध।

निर्माण सामग्री (बालू-सीमेंट) की ट्रकों से ढुलाई पर रोक।

आपात सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटरों का प्रयोग बंद।

अंतरराज्यीय डीजल बसों पर पाबंदी।

कक्षा 5 तक के स्कूल बंद, ऑनलाइन पढ़ाई की अनुमति।

कंपनियों को वर्क फ्रॉम होम या हाइब्रिड मॉडल अपनाने की सलाह।

 जनता की नाराज़गी और इंडिया गेट पर प्रदर्शन

रविवार को इंडिया गेट पर सैकड़ों नागरिकों ने प्रदर्शन करते हुए केंद्र और दिल्ली सरकार से “हेल्थ इमरजेंसी घोषित करने” की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि गंभीर वायु प्रदूषण से बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

सांस लेना भी मुश्किल हो गया है, सुबह आंखें जलती हैं और गले में खराश रहती है   “एक प्रदर्शनकारी की पीड़ा” 

  सरकार की पहल

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निजी कंपनियों से कारपूलिंग और वर्क फ्रॉम होम को अपनाने की अपील की है। नोएडा अथॉरिटी ने “एंटी-स्मॉग ड्राइव” शुरू की है जबकि गाजियाबाद नगर निगम ने प्रमुख सड़कों पर पानी छिड़काव और सफाई कार्य तेज किए हैं।

दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक पर्यावरण विशेषज्ञ कहते हैं- हवा की कम गति और बढ़ती ठंड के कारण प्रदूषक तत्व ऊपर नहीं जा पाते।

“GRAP-3 केवल आपात उपाय है, असली समाधान वाहनों और निर्माण-स्थलों के उत्सर्जन को नियंत्रित करना है,” 

 

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