किराए के लिए कत्ल: अजय गुप्ता और उसकी पत्नी की बेरहमी ने दहला दिया गाजियाबाद!
सूटकेस में बंद लाश, चेहरे पर कोई अफसोस नहीं
मौके पर ही हत्यारी जोड़ी ने कबूला जुर्म
घरेलू सहायिका की हिम्मत ने पकड़वाए कातिल

NEWS1UP
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गाजियाबाद। एक शांत रिहायशी सोसाइटी… एक किराए का विवाद… और फिर एक ऐसा खौफनाक कत्ल, जिसने पूरे गाजियाबाद को दहला कर रख दिया। मृतका दीपशिखा शर्मा जब अपने फ्लैट M-105 से सोसाइटी के ही फ्लैट F-506 में रहने वाले गुप्ता दंपत्ति से किराया मांगने निकलीं, तो उन्होंने अपनी घरेलू सहायिका से कहा, “मैं किराया लेकर आती हूं, तुम यहीं रुकना” लेकिन यही उनके जीवन की आख़िरी बात साबित हुई। वक्त बीतता गया… दीपशिखा वापस नहीं लौटीं।
काफी देर इंतज़ार के बाद जब घरेलू सहायिका खुद M-105 पहुंची, तो वहां का मंजर देखकर उसके होश उड़ गए। उसने देखा कि गुप्ता दंपत्ति एक भारी-भरकम सूटकेस लेकर फ्लैट से बाहर निकल रहे हैं। जब उसने उनसे अपनी मालकिन दीपशिखा के बारे में पूछा और कहा कि वे यहीं आने की बात कहकर गई थीं, तो दंपत्ति के घबराए चेहरे और बदला हुआ व्यवहार उसके शक को यकीन में बदल गया।
यहीं दिखाई एक आम महिला की असाधारण हिम्मत।
जैसे ही गुप्ता दंपत्ति दोबारा फ्लैट के अंदर गए, घरेलू सहायिका ने फुर्ती से दरवाज़ा बाहर से बंद कर दिया, कुंडी लगाई और शोर मचाकर पूरी सोसाइटी को इकट्ठा कर लिया।
दरवाज़ा खुला… और सामने आया खून जमा देने वाला सच। फ्लैट के बेड के नीचे छुपाए गए सूटकेस के अंदर मिला दीपशिखा शर्मा का शव। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और मौके पर पहुंची पुलिस ने हत्यारे दंपत्ति को हिरासत में ले लिया। मौके पर ही गुप्ता दंपत्ति ने अपना गुनाह कुबूल कर लिया।
मौके पर ही किरायेदार अजय गुप्ता और उसकी पत्नी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। जिस बेखौफ अंदाज़, निर्लज्ज स्वीकारोक्ति और ठंडे लहजे में उन्होंने पूरी वारदात को बयां किया, उसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को सन्न कर दिया।न कोई पछतावा… न कोई अफसोस… न ही आंखों में जरा सी शर्म।
इस खौफनाक हत्याकांड ने न सिर्फ राजनगर एक्सटेंशन, बल्कि पूरे गाजियाबाद को झकझोर कर रख दिया है। यह मामला अब सिर्फ कानून का नहीं, बल्कि समाज के उस डरावने सच का है, जहां लालच इंसानियत पर भारी पड़ता जा रहा है।
