तीसरी बार महंगा हुआ ATF: एयरलाइंस पर दोगुना दबाव, क्या महंगा होगा हवाई सफर ?
ओपरेटिंग कॉस्ट में 40% हिस्सेदारी वाला फ्यूल महंगा
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई सभी में कीमतों में उछाल
NEWS1UP
गौरव अग्रवाल
नई दिल्ली। देशभर में सोमवार, 1 दिसंबर से एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में एक बार फिर जोरदार बढ़ोतरी की गई है। तेल मार्केटिंग कंपनियों, IOC, BPCL और HPCL ने तीसरे लगातार महीने ATF के दाम बढ़ाकर एयरलाइंस के सामने नई आर्थिक चुनौती खड़ी कर दी है। विमानन कंपनियों की कुल परिचालन लागत में ईंधन की हिस्सेदारी लगभग 40% होती है, ऐसे में यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर उनके खर्च को भारी बढ़ा देगी।

कितनी बढ़ीं कीमतें ?
नए रेट्स लागू होने के बाद देश के चार बड़े महानगरों में ATF की कीमतें इस तरह हो गई हैं-
-
दिल्ली: ₹99,676.77 प्रति किलोलीटर
-
कोलकाता: ₹1,02,371.02 प्रति किलोलीटर
-
मुंबई: ₹93,281.04 प्रति किलोलीटर
-
चेन्नई: ₹1,03,301.80 प्रति किलोलीटर
1 दिसंबर से कीमतों में औसतन 5,113.75 रुपये प्रति किलोलीटर की बढ़ोतरी की गई है। पिछले तीन महीनों में ATF करीब ₹8,943 तक महंगा हो चुका है।
तीन महीनों का भाव: हर बार बढ़ोतरी
-
अक्टूबर: ₹3,052.5/किलोलीटर की बढ़ोतरी
-
नवंबर: लगभग 1% वृद्धि, कीमत ₹94,543.02/किलोलीटर
-
दिसंबर: ₹5,113.75/किलोलीटर की बड़ी बढ़ोतरी
हालांकि सितंबर में ₹1,308.41/किलोलीटर की कटौती की गई थी, लेकिन अक्टूबर से अब तक लगातार बढ़ोतरी जारी है।
एयरलाइंस पर बढ़ता आर्थिक भार
एटीएफ की बढ़ती कीमतें एयरलाइंस की कमर तोड़ रही हैं। ईंधन पर 40% तक लागत निर्भर होने के कारण IndiGo, Air India जैसी कंपनियों के खर्च में भारी इजाफा होने की आशंका है। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि एयरलाइंस बढ़ती लागत का बोझ यात्रियों पर डालने को मजबूर हो सकती हैं।
हालांकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि केंद्र सरकार समय-समय पर विमान भाड़े पर निगरानी रखती है और कीमतों को अनियंत्रित बढ़ने से रोकती है। ऐसे में हवाई किरायों में बढ़ोतरी होगी या नहीं, इस पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
किराया बढ़ेगा या नहीं ?
फिलहाल एयरलाइन कंपनियों ने टिकट दरों में संशोधन को लेकर कोई घोषणा नहीं की है। लेकिन लगातार बढ़ते ईंधन खर्च और लाभप्रदता बनाए रखने की चुनौती को देखते हुए, आने वाले हफ्तों में हवाई किरायों में बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
