गाजियाबाद की ‘महक जीवन’ सोसाइटी में बड़ा हादसा टला, किचन की छत का बड़ा हिस्सा गिरा!
महिला बाल-बाल बची
दहशत में निवासी
आज करेंगे बिल्डर ऑफिस का घेराव

NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित महक जीवन सोसाइटी में बीती रात एक बड़ा हादसा टल गया। एक फ्लैट की किचन की छत का प्लास्टर अचानक भरभरा कर गिर पड़ा, लेकिन गनीमत रही कि उस वक्त किचन में मौजूद महिला बाल-बाल बच गई। घटना रात करीब 11 बजे की है, जिसने पूरे परिसर में दहशत और आक्रोश दोनों पैदा कर दिए हैं।
सोसाइटी के बी टॉवर में बारहवीं फ्लोर पर छत टूटने की तेज आवाज सुनकर परिवार के सदस्य और आसपास के फ्लैटों के निवासी मौके पर जुट गए। फर्श पर पड़े भारी मलबे ने सभी को हिला कर रख दिया। देखते ही देखते यह खबर पूरी सोसायटी में फैल गई, जिसके बाद निवासियों ने रात में ही फैसला लिया कि सुबह बिल्डर के ऑफिस पर घेराव और संभावित तालाबंदी की जाएगी।
इस घटना ने बिल्डर की निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। निवासियों का आरोप है कि सोसाइटी में दीवार का पत्थर गिरने की एक घटना पहले भी घट चुकी है। घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल सीधे तौर पर लोगों की जान से खिलवाड़ है। निवासियों ने बताया कि सोसाइटी को बने अभी कुछ वर्ष ही हुए हैं। अभी निवासियों को हैंडओवर भी नहीं हुई है। सवाल यह भी उठ रहा है कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने ओसी (ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट) जारी करने से पहले आखिर किस स्तर की जांच की ? क्या स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया गया था या नहीं ?

महक जीवन सोसाइटी के चार टावरों में करीब 412 परिवार रहते हैं। ऐसे में किचन की छत गिरने की यह घटना भविष्य की बड़ी त्रासदी का संकेत मानी जा रही है। हाल ही में गुरुग्राम की चिंटल, दिल्ली की सिग्नेचर व्यू और गाजियाबाद की तुलसी निकेतन जैसी सोसायटियों में भी प्लास्टर और सीलिंग गिरने के बाद बिल्डिंगों को खाली कराना पड़ा था, जिससे निवासियों का भय और बढ़ गया है।
फ्लैट खरीदने में जीवनभर की कमाई लगाने वाले लोग अब खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और बिल्डर व प्राधिकरण की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। सोसाइटी के लोग आज बड़े विरोध की तैयारी में हैं।
