ग्रेटर नोएडा: इस्तांबुल इंटरनेशनल कंपनी पर यूपी एटीएस की दोबारा छापेमारी!
NEWS1UP
संवाददाता
नोएडा। ग्रेटर नोएडा के कासना थाना क्षेत्र में स्थित इस्तांबुल इंटरनेशनल कंपनी एक बार फिर यूपी एटीएस के रडार पर आ गई है। मंगलवार को एटीएस की टीम ने कंपनी में दोबारा छापेमारी कर यहां छपने वाली किताबों, दस्तावेज़ों और सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की। सूत्रों के अनुसार, टीम ने कई संदिग्ध सामग्री और रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए हैं।

7 नवंबर को हुई थी पहली बड़ी कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि इसी कंपनी से 7 नवंबर को एटीएस ने फरहान नबी सिद्दीकी नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया था। वह इस कंपनी का मालिक बताया जा रहा है। आरोप है कि यहां से धार्मिक उन्माद फैलाने वाली, भड़काऊ और देश-विरोधी कंटेंट से जुड़ी किताबों का प्रकाशन किया जा रहा था। पहली छापेमारी में ही एटीएस के हाथ कई ऐसी किताबें लगी थीं, जिनकी सामग्री से सामाजिक विभाजन और कट्टरता बढ़ाने की आशंका व्यक्त की गई थी।
धार्मिक उन्माद फैलाने वाली किताबों के प्रकाशन की जांच
मंगलवार को हुई ताज़ा कार्रवाई में एटीएस ने कंपनी में रखी पुस्तकों और दस्तावेज़ों को खंगाला। आरोप है कि धार्मिक उन्माद और समुदायों के बीच तनाव बढ़ाने वाली किताबें यहां लगातार छप रही थीं और इन्हें आयुर्वेदिक दवाइयों और आरओ मशीनों की आड़ में बाहर भेजा जा रहा था।
स्थानीय पुलिस को नहीं थी भनक
एटीएस ने इस कार्रवाई को बेहद गोपनीय रखा। स्थानीय पुलिस को इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई थी। टीम सीधे कंपनी पहुंची और भीतर मौजूद रिकॉर्ड व सर्विलांस फुटेज की जांच की।
हवाला से करोड़ों रुपये आने का शक
एटीएस की जांच कई अहम पहलुओं पर आगे बढ़ रही है। एजेंसी को शक है कि कंपनी में विदेश से हवाला के जरिए करोड़ों रुपये भेजे गए हैं। इसके अलावा, आरोपी फरहान नबी तुर्की, जर्मनी और बांग्लादेश से आने वाले लोगों को बिना आधिकारिक सूचना अपने यहां ठहराता रहा है।
एटीएस फिलहाल इन सभी एंगल्स को जोड़कर गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में नए खुलासे की संभावना जताई जा रही है।
