February 11, 2026

यूपी में घुसपैठ पर सख्ती: योगी सरकार का ‘सुरक्षा के साथ नागरिक-जागरूकता’ पर फ़ोकस!

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नागरिक सतर्कता पर ज़ोर

यूपी सरकार ने शुरू किया नया सुरक्षा मॉडल

NEWS1UP

विशेष संवाददाता

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अवैध घुसपैठ पर चल रही सख्त कार्रवाई के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को नागरिकों से अपील की कि वे सुरक्षा को केवल सरकारी जिम्मेदारी न मानें, बल्कि अपने स्तर पर भी चौकसी रखें। सीएम ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को नौकरी पर रखने से पहले पहचान सत्यापन कराना अब पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है।

हाल के दिनों में अवैध विदेशी नागरिकों के खिलाफ बड़े पैमाने पर चली कार्रवाइयों को देखते हुए सरकार अब इसे नागरिक-सहभागिता आधारित सुरक्षा मॉडल की ओर बढ़ा रही है, जहां प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ जनता की सतर्कता भी सुरक्षा तंत्र का अहम हिस्सा बन रही है।

SC की टिप्पणी ने बढ़ाई कार्रवाई की रफ्तार

सीएम योगी का यह संदेश ठीक उसी समय आया है जब 2 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने देश में रह रहे रोहिंग्या नागरिकों की कानूनी स्थिति पर गंभीर टिप्पणी की थी। शीर्ष अदालत ने सवाल किया था कि क्या “घुसपैठियों के लिए लाल कालीन बिछा दिया जाए”, जबकि देश के नागरिक खुद गरीबी और चुनौतियों से जूझ रहे हैं।

सरकार अब इन टिप्पणियों को सुरक्षा नीति के दिशा-निर्देश के रूप में देखते हुए तेज़ और निर्णायक कदम उठा रही है।

यूपी में नया ट्रैकिंग मॉडल: शहरी निकायों की भूमिका बढ़ी

इस अभियान में एक नया ऐंगल यह है कि पहली बार सभी नगर निकायों को संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान कर डेटा-बेस तैयार करने का निर्देश दिया गया है। यह कदम न सिर्फ घुसपैठ रोकने के लिए है बल्कि यह जानने के लिए भी है कि किस क्षेत्र में कितना दबाव है और किन जगहों पर अवैध बसावट का नेटवर्क फैल रहा है।

‘लाभार्थी सुरक्षा तंत्र’ सक्रिय

सीएम ने कहा कि गरीबों और वंचितों के लिए बनी योजनाओं का लाभ अवैध रूप से आए लोगों तक न पहुंचे, इसके लिए दस्तावेज सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से एक तरह का “लाभार्थी सुरक्षा तंत्र” तैयार हो रहा है, जो सुनिश्चित करेगा कि सार्वजनिक संसाधन वास्तविक जरूरतमंदों तक ही पहुंचें।

हर मंडल में डिटेंशन सेंटर: प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की कोशिश

योगी सरकार केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि पूरी प्रक्रिया को सिस्टमेटिक और पारदर्शी बनाने पर भी जोर दे रही है। इसके लिए राज्य के हर मंडल में डिटेंशन सेंटर बनाए जा रहे हैं ताकि पकड़े गए लोगों के सत्यापन, रिकॉर्डिंग और आगे की कार्यवाही को व्यवस्थित तरीके से किया जा सके।

सुरक्षा की जिम्मेदारी साझा है: मुख्यमंत्री

सीएम योगी ने कहा,

“राज्य की सुरक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। सुरक्षित समाज ही समृद्ध समाज की नींव रखता है”

उनका यह संदेश नागरिकों को सीधे तौर पर सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाने की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।

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