SIR के तहत मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण
आयोग ने बदला टाइमटेबल
NEWS1UP
विशेष संवाददाता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 को लेकर हलचल तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग और पंचायती राज विभाग ने तैयारियों को रफ्तार दे दी है। ग्राम पंचायतों के लिए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का कार्य जुलाई से जारी है, जो अब निर्णायक चरण में पहुंच रहा है। आयोग के अनुसार, अंतिम मतदाता सूची 6 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी, जिसके बाद आरक्षण की प्रक्रिया पूरी कर अप्रैल में चुनाव की घोषणा और मई-जून में मतदान कराए जाने की संभावना है।
SIR प्रक्रिया को बढ़ाया गया, टाइमटेबल बदला
राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची पुनरीक्षण की समयसीमा में बदलाव किया है। एसआईआर प्रक्रिया को 26 दिसंबर 2025 तक बढ़ाया गया है। इस दौरान ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन, दावे-आपत्तियों का निपटारा और आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। आयोग का लक्ष्य है कि पंचायत स्तर पर मतदाता सूची पूरी तरह त्रुटिरहित हो।
प्रदेश में पंचायतों की तस्वीर
पंचायती राज विभाग के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 57,695 ग्राम पंचायतें, 826 क्षेत्र (ब्लॉक) पंचायतें, 75 जिला पंचायतें हैं।
चुनाव में कुल पदों की संख्या भी बड़ी है-
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जिला पंचायत सदस्य: 3,050
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ब्लॉक प्रमुख: 826
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क्षेत्र पंचायत सदस्य (BDC): 75,845
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ग्राम प्रधान: 58,189
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ग्राम पंचायत सदस्य: 7,32,643
पिछले पंचायत चुनाव (2021) में प्रदेश में करीब 12.43 करोड़ मतदाता पंजीकृत थे और रिकॉर्ड 13 लाख उम्मीदवार मैदान में उतरे थे।
किन पदों के लिए होगा चुनाव

पंचायत चुनाव 2026 में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य के लिए मतदान कराया जाएगा। पिछली बार की तरह इस बार भी चुनावी मुकाबले कड़े रहने की संभावना है।
क्या है योग्यता
ग्राम प्रधान पद के लिए उम्मीदवार को न्यूनतम आयु 21 वर्ष होना अनिवार्य, भारत का नागरिक होना जरूरी, मानसिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए, किसी अपराध में दोषसिद्ध न हो तथा किसी बैंक या सहकारी संस्था का बकाया कर्ज न हो। वहीं, मतदान के लिए मतदाता का नाम संबंधित पंचायत की वोटर लिस्ट में होना अनिवार्य है।
चुनावी सरगर्मी बढ़ने के संकेत
मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तारीख तय होते ही पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सरगर्मी बढ़ने लगी है। संभावित उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय हो गए हैं। आरक्षण की स्थिति साफ होते ही चुनावी समीकरण और स्पष्ट हो जाएंगे।
कुल मिलाकर, यूपी पंचायत चुनाव 2026 की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। 6 फरवरी को फाइनल वोटर लिस्ट के बाद चुनावी तस्वीर और साफ होगी, जिसके साथ ही गांव-गांव में लोकतंत्र का उत्सव एक बार फिर देखने को मिलेगा।