मुख्यमंत्री योगी का आह्वान: “स्वदेशी हो दीपावली”, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उत्तर प्रदेश का संकल्प!
कानून-व्यवस्था से स्वच्छता तक, सीएम ने दिए सख्त निर्देश
आस्था के संग आत्मनिर्भरता का उत्सव बने दीपोत्सव
NEWS1UP
विशेष संवाददाता
गोरखपुर/लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों और प्रदेश की कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि इस बार की दीपावली स्वदेशी भावना के साथ मनाई जाए। उन्होंने कहा कि “स्वदेशी हो दीपावली” केवल एक नारा नहीं, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत और सशक्त उत्तर प्रदेश की दिशा में सामूहिक संकल्प है।
योगी ने कहा कि अयोध्या का दीपोत्सव और काशी की देव दीपावली अब केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर और वैश्विक पहचान बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि जब लाखों दीप अयोध्या में जगमगाते हैं और काशी के घाटों पर प्रकाश फैलता है, तब वह दृश्य न केवल श्रद्धालुओं का, बल्कि पूरी दुनिया का मन मोह लेता है।
स्वदेशी उत्पादों से सजेगी दीपावली
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर वर्ग का परिवार दीपावली पर कुछ न कुछ खरीदारी करता है, इसलिए इस बार हर खरीदारी स्वदेशी उत्पादों की होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि 10 अक्टूबर से सभी जिलों में “स्वदेशी मेले” आयोजित किए जाएं, ताकि स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और स्वदेशी उत्पादकों को मंच मिले।
उन्होंने कहा, “गर्व से कहो, यह स्वदेशी है!” की भावना को जन-जन तक पहुंचाना होगा।
त्योहारों पर सतर्कता और शांति का संदेश 
मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्टूबर और नवंबर में नरक चतुर्दशी, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज और छठ जैसे अनेक पर्व मनाए जाएंगे। ये आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि हमारी लोक-संस्कृति और सामूहिक चेतना के प्रतीक हैं।
उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी पर्व शांति, सुरक्षा और उल्लासपूर्ण माहौल में सम्पन्न हों।
योगी ने कहा कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर अमल किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी अराजक तत्व या अफवाह फैलाने वाले को बख्शा नहीं जाएगा।
खुफिया तंत्र व सोशल मीडिया पर सख्त नजर
मुख्यमंत्री ने पुलिस और खुफिया एजेंसियों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर जातिगत या धार्मिक आधार पर भावनाएं भड़काने वाले तत्वों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई हो।
योगी ने गृह विभाग से कहा कि ड्रोन संबंधी अफवाहों को रोकने के लिए भी सक्रिय निगरानी जरूरी है।
पर्यावरण और स्वच्छता को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली पर लक्ष्मी प्रतिमा का विसर्जन नदियों की बजाय तालाबों में कराया जाए ताकि नदियों की पवित्रता बनी रहे।
उन्होंने निर्देश दिया कि पटाखों की दुकानें आबादी से दूर हों, केवल लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं को अनुमति दी जाए, और फायर टेंडर की पर्याप्त व्यवस्था हो।
साथ ही हानिकारक पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने के निर्देश दिए गए।
नगर निकायों को उन्होंने आदेश दिया कि पर्वों से पहले विशेष सफाई अभियान चलाया जाए। सड़कों और गलियों को रोशनी से सजाया जाए, जलभराव की समस्या दूर की जाए, और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो।
मिलावटखोरों पर शिकंजा
मुख्यमंत्री ने एफएसडीए और जिला प्रशासन को खाद्य पदार्थों की गहन जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दूध, खोआ, मिठाई, पनीर जैसे उत्पादों में मिलावट किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि व्यापारी वर्ग का अनावश्यक उत्पीड़न नहीं होना चाहिए — केवल दोषी के खिलाफ ही कठोर कार्रवाई हो।
महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता 
योगी ने दोहराया कि माताओं-बहनों की सुरक्षा और गरिमा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जुम्मे की नमाज या किसी भी बड़े धार्मिक आयोजन के बाद विशेष सतर्कता बरती जाए ताकि प्रदेश की शांति और सौहार्द्र प्रभावित न हो।
दीपोत्सव और देव दीपावली से विश्व को दिखेगा उज्ज्वल उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या का दीपोत्सव और काशी की देव दीपावली अब उत्तर प्रदेश के गौरव के प्रतीक हैं। लाखों दीपों से जगमगाते ये आयोजन पूरी दुनिया में भारतीय संस्कृति का संदेश देते हैं।
उन्होंने कहा कि यह केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि “सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और स्वावलंबन” की मिसाल हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह आह्वान केवल दीपावली मनाने का संदेश नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी चेतना के पुनर्जागरण का आह्वान है। इस बार की दीपावली, उत्तर प्रदेश के हर घर में स्वदेशी दीप, स्वदेशी सजावट और स्वदेशी उत्साह के साथ जगमगाएगी।
