राजनगर एक्सटेंशन में पाँच सड़कों पर 20.33 करोड़ खर्च की तैयारी, ‘हमतुम’ रोड की अनदेखी पर सवाल!
राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र की एक बदहाल तस्वीर
एक माह में टेंडर के बाद शुरू होगा सड़कों का काम
GDA का जाम कम करने का दावा
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
गाजियाबाद। तेजी से विकसित हो रहे राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र को लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद जगी है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने क्षेत्र में पाँच प्रमुख सड़कों के निर्माण एवं दुरुस्तीकरण की योजना को मंजूरी दी है, जिस पर 20.33 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आने का अनुमान है। इन मार्गों के बेहतर होने से न केवल स्थानीय निवासियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि दिल्ली-मेरठ रोड से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को भी राहत मिलेगी।
राजनगर एक्सटेंशन में इस समय पाँच दर्जन से अधिक हाईराइज सोसाइटी मौजूद हैं, जिनमें लगभग पौने दो लाख की आबादी निवास करती है। क्षेत्र के भीतर का यातायात पहले से ही अत्यधिक दबाव में है। इसके अलावा यूपी गेट से निकलने वाली एलिवेटेड रोड का सीधा संपर्क दिल्ली-मेरठ रोड से होने के कारण ट्रैफिक का भार और बढ़ जाता है। सुबह, दोपहर और शाम के समय स्कूल एवं कार्यालय आवागमन के दौरान स्थिति अक्सर जाम में तब्दील हो जाती है।
मुख्य मार्गों पर जाम का दबाव कम करना उद्देश्य
जीडीए अधिकारियों के अनुसार इन पाँच सड़कों के निर्माण और मरम्मत का मुख्य उद्देश्य मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक के दबाव को कम करना है, ताकि वैकल्पिक रास्तों के माध्यम से यातायात को सुगम बनाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि एक माह के भीतर टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्य शुरू होने की संभावना है।
जीडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिन सड़कों को दुरुस्त किया जाएगा, उनमें-
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जीडी गोयंका स्कूल के सामने 45 मीटर चौड़ी सड़क
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अजनारा सोसाइटी से अजनारा फ्रेगेंसी तक 45 मीटर चौड़ा मार्ग
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सोना पैलेस से गुलमोहर सोसाइटी के पीछे वाले गेट तक की सड़क
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केडीपी गोल चक्कर से अग्रवाल हाईट्स तक का मार्ग
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तथा बंधा रोड से ज्योति सुपर तक की सड़क शामिल हैं।
इन मार्गों के बेहतर होने से क्षेत्र में ट्रैफिक का बेहतर वितरण संभव होगा और जाम की समस्या में काफी हद तक कमी आने की उम्मीद है।
निवेश और सुनियोजित विकास को मिलेगा बढ़ावा
अधिकारियों का मानना है कि सड़क नेटवर्क के सुदृढ़ होने से राजनगर एक्सटेंशन में सुगम यातायात सुनिश्चित होगा, जिससे रियल एस्टेट और अन्य क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इसके साथ ही मानचित्र स्वीकृत कर क्षेत्र के सुनियोजित विकास को भी गति दी जाएगी।
जीडीए उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने कहा कि-
“राजनगर एक्सटेंशन के समुचित विकास के लिए विस्तृत योजना बनाई गई है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही सड़कों के दुरुस्तीकरण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।”
‘हमतुम रोड’ अब भी उपेक्षित, स्थानीयों में नाराज़गी

हालांकि, इस घोषणा के बावजूद राजनगर एक्सटेंशन की मुख्य सड़क ‘हमतुम रोड’ पर रहने वाले लोगों की नाराज़गी बरकरार है। हमतुम रोड से जुड़ी सात सोसाइटियों के निवासी पिछले एक दशक से सड़क के चौड़ीकरण और मरम्मत की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आए दिन धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन देने के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं।
निवासियों का आरोप है कि प्राधिकरण उनके साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपना रहा है। उनका कहना है कि यदि वास्तव में क्षेत्र का समग्र विकास प्राथमिकता में होता, तो हमतुम रोड को भी इस योजना में शामिल किया जाता। स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी जारी रही, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
उम्मीद और सवाल: दोनों साथ
एक ओर जहाँ पाँच सड़कों के निर्माण से राजनगर एक्सटेंशन को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर कुछ प्रमुख मार्गों की उपेक्षा को लेकर स्थानीय असंतोष भी सामने आ रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि जीडीए की यह योजना कितनी तेजी और पारदर्शिता से ज़मीन पर उतरती है, और क्या भविष्य में हमतुम रोड जैसे मुद्दों पर भी प्राधिकरण कोई ठोस पहल करता है!!
