गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की हमतुम रोड एक बार फिर खून से लाल हो गई। मंगलवार देर रात नौकरी से घर लौट रहे युवा मोहित शर्मा की सड़क दुर्घटना में मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे के बाद राजनगर एक्सटेंशन के निवासियों में गहरा शोक ही नहीं, बल्कि जबरदस्त आक्रोश भी देखने को मिला।
बुधवार शाम बदहाल सड़क और लगातार हो रहे जानलेवा हादसों के विरोध में सैकड़ों लोगों ने आक्रोश मार्च निकाला। यह मार्च निलाया ग्रीन सोसाइटी से शुरू होकर NH-58 तक पहुँचा। हाथों में “Justice for Mohit” के बैनर, आँखों में गुस्सा और दिल में दर्द लिए लोग गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए।
यह हादसा नहीं, सिस्टम की लापरवाही का परिणाम है
मार्च में शामिल सामाजिक कार्यकर्ता शिवम् पाराशर ने कहा,
“मोहित की मौत कोई हादसा नहीं है, यह सिस्टम की लापरवाही का नतीजा है। वर्षों से हमतुम रोड की हालत बदतर है, लेकिन GDA आँख मूंदे बैठा है। कितनी लाशों के बाद प्रशासन जागेगा ?”
उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क पर न तो समुचित लाइटिंग है, न स्पीड ब्रेकर, न चेतावनी संकेत और न ही नियमित मरम्मत।
16 जानें जा चुकी हैं, फिर भी चुप्पी
स्थानीय निवासी मुरारी लाल शर्मा ने गुस्से में कहा,
“हमारे हिसाब से इस सड़क की बदहाली अब तक करीब 16 लोगों की जान ले चुकी है। हर बार आश्वासन मिलता है, लेकिन जमीन पर कुछ नहीं होता। क्या हमारी जान की कोई कीमत नहीं ?”
उनकी आवाज़ में वर्षों का आक्रोश और बेबसी साफ झलक रही थी।
अब आंदोलन होगा, सिर्फ ज्ञापन नहीं
युवा सामाजिक कार्यकर्ता दीपांशु मित्तल ने चेतावनी भरे लहजे में कहा,
“अगर GDA ने अब भी सड़क को दुरुस्त करने और सुरक्षा के ठोस इंतजाम नहीं किए, तो यह आंदोलन और व्यापक होगा। अब सिर्फ ज्ञापन नहीं, सड़कों पर उतरकर जवाब लिया जाएगा।”
शोक में डूबा पूरा इलाका
मोहित शर्मा की असमय मौत से पूरा राजनगर एक्सटेंशन शोक में डूबा है। उनके परिजन और रिश्तेदार गहरे सदमे में हैं। एक मेहनती युवा की जिंदगी यूँ खत्म हो जाना लोगों के दिलों में चुभ रहा है। हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि और कितनी मौतों के बाद प्रशासन जागेगा ?
निवासियों का साफ कहना है कि अगर हमतुम रोड की बदहाली और सुरक्षा के अभाव को लेकर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में राजनगर एक्सटेंशन एक बड़े जनआंदोलन का गवाह बनेगा।
आज सवाल सिर्फ मोहित को न्याय दिलाने का नहीं, बल्कि उन तमाम जिंदगियों को बचाने का है जो हर रोज़ इस मौत की सड़क से गुजरने को मजबूर हैं।