ग्रामीणों का कहना है कि यह लड़ाई केवल एक स्मृति स्थल की नहीं, बल्कि आज़ादी के लिए बलिदान देने वाले शहीदों के सम्मान की है।
जब तक न्याय नहीं मिलेगा, धरना जारी रहेगा।
NEWS1UP
संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। ग्राम खेड़ा चौगानपुर में शुक्रवार से भारतीय किसान यूनियन मंच के तत्वावधान में अनिश्चितकालीन धरना आरंभ हो गया। यह धरना गांव के स्वाधीनता संग्राम सेनानी स्वर्गीय प्रीतम सिंह की स्मृति स्थल के संरक्षण की मांग को लेकर शुरू किया गया है। ग्रामीणों और किसान संगठनों का आरोप है कि बिल्डर ने प्राधिकरण से मिलीभगत कर उस भूमि पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है, जहां दशकों से शहीद का स्मृति स्थल स्थापित है।
स्वर्गीय प्रीतम सिंह के वंशज प्रदीप भाटी ने बताया कि वर्ष 1983 में खसरा संख्या 126 में उनके दादाजी का स्मृति स्थल विधिवत रूप से बनाया गया था। यह स्थान केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे गांव की ऐतिहासिक और भावनात्मक धरोहर है। इसके बावजूद, बिल्डर द्वारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया और विरोध करने पर परिवार को आए दिन धमकियां दी जा रही हैं।

भारतीय किसान यूनियन मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल त्यागी ने कहा कि-
प्रीतम सिंह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे और उनके सम्मान के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन होने और लीज बैक का प्रकरण प्राधिकरण में लंबित होने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू कराया गया। पीड़ित परिवार की शिकायतों पर प्राधिकरण द्वारा कोई प्रभावी सुनवाई नहीं की गई, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है।
इसी के विरोध में भारतीय किसान यूनियन मंच ने शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से धरने का रास्ता अपनाया है। धरने की अध्यक्षता आशेराम चौहान ने की, जबकि संचालन राष्ट्रीय महासचिव मास्टर मनमिंदर ने किया।
धरने में आर्य समाज के प्रतिनिधि आर्य सागर खारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि शहीदों के सम्मान और शौर्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। आर्य समाज पीड़ित परिवार के साथ है और भारतीय किसान यूनियन मंच के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस लड़ाई को लड़ेगा।
कार्यक्रम के संयोजक और भारतीय किसान यूनियन मंच के जिला अध्यक्ष अक्षय मुखिया ने कहा, “पहले हमारी जमीन लूटी गई और अब हमारे शहीदों के स्मृति स्थल को ध्वस्त किया जा रहा है। शहादत इतनी सस्ती नहीं है कि कोई भूमाफिया या बिल्डर उस पर कब्जा कर ले।”
वहीं संगठन के संस्थापक सुरेंद्र प्रधान ने बताया कि धरने के पहले ही दिन प्रशासन हरकत में आया। एसीपी राजीव कुमार गुप्ता के माध्यम से प्राधिकरण के विशेष कार्य अधिकारी राजेश निम के साथ वार्ता हुई, जिसमें यह सहमति बनी कि जब तक पूरे प्रकरण का समाधान नहीं हो जाता, तब तक बिल्डर निर्माण कार्य स्थगित रखेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही पीड़ित परिवार और किसान संगठन के पदाधिकारियों की बैठक ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी के साथ सुनिश्चित की जाएगी।
धरने में बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस मौके पर धर्म सिंह भाटी, सुरज प्रधान, चरण सिंह प्रधान, चिकूं यादव, गजेंद्र बसौया, रिंकू यादव, सागर नंबरदार, सुखपाल, दानिश, कादिर मेवाती, रोहतास नागर, डॉ. यामीन, विकास कासना, डॉ. मोहसिन, उमंग शर्मा, विक्रम यादव, अक्षय चौधरी, अंकित मुकद्दम सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।