योगी का सख्त संदेश: गलत जांच रिपोर्ट पर सीधे एफआईआर!
लापरवाही बर्दाश्त नहीं
पीड़ितों की मदद में शिथिलता अक्षम्य
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकरण में यदि जानबूझकर गलत जांच रिपोर्ट लगाई जाती है तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि पीड़ितों की सहायता में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनता दर्शन में 150 फरियादियों से सीधा संवाद
शनिवार सुबह गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने करीब 150 लोगों की समस्याएं सुनीं। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने एक-एक फरियादी से मुलाकात कर आश्वस्त किया कि हर शिकायत का समयबद्ध और निष्पक्ष निस्तारण कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के समाधान में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी स्तर पर हीलाहवाली या जानबूझकर प्रकरण लंबित रखने की प्रवृत्ति पाए जाने पर कठोर कार्रवाई तय है।
गलत रिपोर्ट पर सीधे एफआईआर का निर्देश

जनता दर्शन में कुछ मामलों में शिकायत आई कि संबंधित प्रकरणों में गलत जांच रिपोर्ट लगा दी गई है। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तत्काल जांच कर दोषी की पहचान की जाए और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि न्याय की प्रक्रिया से खिलवाड़ किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
जमीन कब्जाने की शिकायतों पर भी मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए विधिसम्मत कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गरीब और कमजोर वर्ग के अधिकारों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है।
आर्थिक सहायता के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से मदद
जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर भी पहुंचे। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संबंधित अस्पतालों से उपचार का इस्टीमेट शीघ्र प्राप्त कर शासन को उपलब्ध कराया जाए, ताकि जरूरतमंदों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से समय पर सहायता मिल सके।
कार्यक्रम के दौरान परिजनों के साथ आए बच्चों के प्रति मुख्यमंत्री का स्नेहिल रूप भी देखने को मिला। उन्होंने बच्चों को दुलार किया, चॉकलेट वितरित की और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।
परंपरागत दिनचर्या: दर्शन-पूजन और गोसेवा

गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री की दिनचर्या परंपरागत रही। गुरु गोरखनाथ के दर्शन-पूजन और अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा के समक्ष श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद उन्होंने मंदिर परिसर का भ्रमण किया। मंदिर की गोशाला में पहुंचकर उन्होंने गोसेवा की और गायों को अपने हाथों से गुड़ खिलाया।
