रामभक्तों का अपमान भारत की विरासत का अपमान: सीएम योगी
आज दंगा-दंगाई दोनों गायब,
अब बेटी सुरक्षित और व्यापारी भी: योगी
NEWS1UP
पॉलिटिकल डेस्क
हरिद्वार। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश में रामभक्तों का अपमान किया गया, जो भारत की विरासत और आध्यात्मिक मूल्यों का अपमान था। इसी का परिणाम था कि प्रदेश अराजकता, दंगों और गुंडागर्दी का अड्डा बन गया। उन्होंने कहा कि जब सरकार ने विरासत का सम्मान किया, तो प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई, बेटियां सुरक्षित हुईं और व्यापारी निर्भय हुए। आज यूपी देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में आगे बढ़ रहा है।

सीएम योगी शुक्रवार को हरिद्वार में स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज की श्री विग्रह मूर्ति स्थापना समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज यूपी में न दंगे हैं, न कर्फ्यू और न ही अराजकता। दंगा और दंगाई दोनों गायब हैं। स्पष्ट नीति और साफ नीयत से सुशासन संभव हुआ, तभी 500 वर्षों बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो सका।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आश्रम पद्धति से प्रशासन और प्रबंधन का वास्तविक ज्ञान मिलता है। भारतीय संन्यासी परंपरा ही एमबीए की व्यावहारिक शिक्षा देती है। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश आज सुशासन और विकास का मॉडल बना है। भारत की प्रशासनिक और सांस्कृतिक शक्ति की जड़ें आश्रम और गुरुकुल परंपरा में हैं।
सीएम योगी ने बताया कि माघ मेले में अब तक 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में स्नान कर चुके हैं। अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, प्रयागराज, हरिद्वार, बदरीनाथ और केदारनाथ अब केवल आस्था केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना के केंद्र बन चुके हैं।
उन्होंने कहा कि भारत ऋषि परंपरा की तपस्या से निर्मित राष्ट्र है। जब हमने अपनी संस्कृति और ग्राम-स्वराज आधारित व्यवस्था से दूरी बनाई, तब पतन शुरू हुआ। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत फिर से विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में स्थान बना रहा है।
समारोह को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी और जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने भी संबोधित किया। संत समाज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ‘उत्तर प्रदेश का शेर’ बताते हुए उनके नेतृत्व की सराहना की।
