आवारा कुत्तों पर लगेगी लगाम, शेल्टर होम व एबीसी सेंटर से मिलेगा स्थायी समाधान!
नगर निगमों व जनपद मुख्यालयों पर
डॉग शेल्टर होम व एबीसी सेंटर बनाने की कार्यवाही शुरू
NEWS1UP
संवाददाता
लखनऊ। प्रदेश में डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं और आवारा कुत्तों की समस्या को योगी सरकार ने गंभीरता से लेते हुए ठोस और व्यावहारिक कदम उठाए हैं। आमजन की सुरक्षा और पशु कल्याण के संतुलन को ध्यान में रखते हुए नगर निगमों एवं जनपद मुख्यालयों पर डॉग शेल्टर होम और एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शासन स्तर पर इस मुद्दे को प्राथमिकता दी गई है। भूमि चिह्नीकरण, बजट निर्धारण और परियोजना स्वीकृति की कार्यवाही एक साथ आगे बढ़ाई जा रही है। सरकार का स्पष्ट रुख है कि समस्या का समाधान मानवीय, वैज्ञानिक और स्थायी तरीके से किया जाए, जैसा कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस में भी निर्देशित है।

डॉग शेल्टर होम के लिए अलग से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की गई है। प्रति यूनिट 470 से 531 लाख रुपये तक लागत का अनुमान है। डीपीआर में शेल्टर की क्षमता, आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, पशु चिकित्सा सुविधाएं, स्वच्छता, भोजन व्यवस्था, सुरक्षा और प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती जैसे सभी आवश्यक प्रावधान शामिल हैं। शासन ने इन डीपीआर को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
प्रगति के तहत प्रयागराज नगर निगम क्षेत्र में ग्राम मऊर उपरहट (तहसील सोरांव) में भूमि चिह्नित कर ली गई है। लखनऊ नगर निगम में भी भूमि उपलब्धता को लेकर कार्यकारिणी बोर्ड से प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है। इसके अलावा ललितपुर में 12.182 हेक्टेयर, हरदोई में 0.2 हेक्टेयर, बुलंदशहर में 2000 वर्ग मीटर और फतेहपुर में 0.769 हेक्टेयर भूमि एबीसी सेंटर व डॉग शेल्टर होम के लिए तय की जा चुकी है।
शासन का कहना है कि शेष नगर निगमों और जनपदों से सूचनाएं मिलते ही वहां भी यह व्यवस्था लागू की जाएगी। डॉग शेल्टर होम और एबीसी सेंटर के प्रभावी संचालन से जहां नागरिकों को डॉग बाइट जैसी घटनाओं से राहत मिलेगी, वहीं आवारा कुत्तों की आबादी पर भी मानवीय नियंत्रण संभव हो सकेगा।
