ऑपरेशन प्रहार: गाजियाबाद में नेता के बेटे की लग्जरी कार से अवैध हथियार बरामद!
SWAT की बड़ी कार्रवाई
वेवसिटी में घेराबंदी, लग्जरी कार रोककर तलाशी
NEWS1UP
अपराध डेस्क
गाजियाबाद। अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत पुलिस ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस आयुक्त जे. रविंद्र गौड़ के निर्देश और अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच, स्वाट टीम और थाना वेव सिटी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नेता के बेटे सहित तीन आरोपियों को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 6 फरवरी को मुखबिर की सूचना पर थाना वेव सिटी क्षेत्र में की गई। सूचना मिली थी कि कुछ युवक लग्जरी कार में सवार होकर अवैध हथियारों की तस्करी कर रहे हैं और उन्हें ऊंचे दामों पर बेचने की फिराक में हैं। सूचना के आधार पर स्वाट टीम ने घेराबंदी कर एक स्कॉर्पियो एन कार को रोका और तलाशी ली।

तीन अवैध पिस्टल, कारतूस और लग्जरी वाहन बरामद
तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से तीन अवैध देशी पिस्टल (.32 बोर), तीन जिंदा कारतूस, मैगजीन तथा काले रंग की स्कॉर्पियो एन कार (रजिस्ट्रेशन नंबर यूपी 14आर 4313) बरामद की गई। पुलिस ने मौके से तीनों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया।

नेता के बेटे सहित तीन आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ऋषिक त्यागी (24 वर्ष), निवासी घूकना सिहानी थाना नंदग्राम, पवन कुमार (26 वर्ष), निवासी सेक्टर-34, गौतमबुद्ध नगर (मूल निवासी जिला सीतापुर), आदित्य राय (24 वर्ष), निवासी सिहानी थाना नंदग्राम के रूप में हुई है। इनमें से एक आरोपी स्थानीय राजनीति से जुड़े प्रभावशाली परिवार का बेटा बताया जा रहा है।
सफेदपोशी के संरक्षण का नशा और युवावस्था की खुमारी
प्राथमिक पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे ये हथियार मुरादनगर क्षेत्र से खरीदकर एनसीआर के अन्य इलाकों में बेच चुके हैं और आगे भी तस्करी की योजना थी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव की छाया में पनपता सफेदपोशी का संरक्षण, जब युवावस्था की खुमारी और त्वरित रुतबा हासिल करने की चाह से जुड़ता है, तो यह कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन जाता है।
आर्म्स एक्ट में मुकदमा, आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा
थाना वेव सिटी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही आरोपियों के आपराधिक इतिहास की गहन जांच की जा रही है और हथियारों की सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों की तलाश तेज कर दी गई है।
पुलिस का सख्त संदेश
पुलिस अधिकारियों ने कहा है है कि नाम, पहचान या राजनीतिक रसूख के आधार पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत आगे भी इसी तरह की सघन कार्रवाइयां जारी रहेंगी, ताकि जिले में अवैध हथियारों और अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके और जनता के बीच सुरक्षा की भावना और मजबूत हो।
