सेवी विला डे में एओए फंड गबन मामला: पुलिस ने कोर्ट में दाखिल की चार्जशीट!
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित सेवी विला डे अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन (एओए) में फंड के कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुलिस द्वारा प्रस्तुत आरोप पत्र में कुल 15 आरोपियों के नाम शामिल किए गए हैं। यह मामला लंबे समय से चर्चा में रहा है और अब न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण में प्रवेश कर चुका है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रशासनिक जांच में एओए के संचालन के दौरान भारी वित्तीय अनियमितताएं, पद के दुरुपयोग और अपार्टमेंट ऑनर्स के धन के कथित दुरुपयोग के गंभीर तथ्य सामने आए थे। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम के निर्देश पर संबंधित एओए पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसी प्रकरण में अब पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट दाखिल की है।
दूसरी ओर, सोसाइटी के मौजूदा बोर्ड पर कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद चुनाव न कराने और नियम विरुद्ध तरीके से पदों पर बने रहने के आरोप भी लगातार लगते रहे हैं। आरोप है कि बोर्ड पदाधिकारियों ने न केवल समय से चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं की, बल्कि अपने कार्यकाल की वैधता समाप्त होने के बाद भी अपार्टमेंट ऑनर्स के फंड का मनमाने ढंग से उपयोग किया।
यह भी उल्लेखनीय है कि प्रशासन द्वारा नामित चुनाव अधिकारी मयंक कुमार (जिला बचत अधिकारी) ने 13 जनवरी को इस संबंध में डिप्टी रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई थी। पत्र में उन्होंने बोर्ड पदाधिकारियों पर राजकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने, चुनाव प्रक्रिया में सहयोग न करने और नियमों की अवहेलना करते हुए वित्तीय लेन-देन जारी रखने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।
मामले के तूल पकड़ने के साथ ही डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय की भूमिका और कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि शिकायतें और जांच रिपोर्ट सामने आने के बावजूद समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे स्थिति और अधिक जटिल होती चली गई। अपार्टमेंट ऑनर्स का कहना है कि यदि समय पर सख्त प्रशासनिक कदम उठाए जाते, तो विवाद और कथित नुकसान को रोका जा सकता था।
फिलहाल पुलिस द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद यह मामला न्यायालय के विचाराधीन है।
