लैंडक्राफ्ट सोसायटी में AOA पर गंभीर आरोप!

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30 से अधिक निवासियों ने डीआर से की हस्तक्षेप की मांग

NEWS1UP

संवाददाता

गाजियाबाद। एनएच-24 (एनएच-9) स्थित लैंडक्राफ्ट सोसायटी में अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) की कार्यप्रणाली को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सोसायटी के पूर्व AOA अध्यक्ष गौरव गुप्ता ने डिप्टी रजिस्ट्रार, सोसायटीज़ को एक लिखित शिकायत सौंपते हुए वर्तमान AOA-2 के कामकाज पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। शिकायत के साथ करीब 30 से अधिक निवासियों के हस्ताक्षर संलग्न हैं।

शिकायत में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2026–27 के AOA इलेक्शन लिए चुनाव कमिटी का गठन सोसायटी मॉडल बायलॉज़ और वैधानिक प्रक्रियाओं के अनुरूप नहीं किया गया। आरोप है कि निर्णय प्रक्रिया में न तो निवासियों को समय पर सूचना दी गई और न ही आमसभा (GBM) के माध्यम से उनकी सहमति ली गई।

गौरतलब है कि वर्तमान एओए-2 ने बीती 31 जनवरी को नोटिस द्वारा चुनाव कमिटी गठित करने की सूचना दी थी। और 1 जनवरी से 3 जनवरी के बीच फॉर्म भरने से लेकर कमीटि के गठन की घोषणा भी कर दी गयी। न कोई जनरल बॉडी मीटिंग बुलाई गई और न ही निवासियों की सहमति ली गई। इसी से रेसिडेंट्स भड़क गए और शिकायत लेकर डिप्टी रजिस्ट्रार के पास जा पंहुचे।

निर्णयों की प्रक्रिया पर आपत्ति

पूर्व अध्यक्ष द्वारा दी गई शिकायत में विशेष रूप से 31 जनवरी और 2 फरवरी को लिए गए निर्णयों का उल्लेख किया गया है। कहा गया है कि इस दौरान लिए गए फैसले बिना जीबीएम और वैधानिक प्रक्रिया के लागू किए गए, जिससे निवासियों के अधिकार प्रभावित हुए।

इस संबंध में पूर्व अध्यक्ष गौरव गुप्ता का कहना है-

गौरव गुप्ता, पूर्व एओए अध्यक्ष

“AOA कोई कुछ लोगों की समिति नहीं है, बल्कि पूरी सोसायटी की प्रतिनिधि संस्था है। बिना आमसभा बुलाए और बिना सदस्यों को विश्वास में लिए फैसले करना न केवल बायलॉज़ का उल्लंघन है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भी सीधा आघात है।”

पारदर्शिता के अभाव का आरोप

शिकायत के अनुसार, AOA द्वारा वित्तीय मामलों में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। निवासियों को खर्चों और निर्णयों से संबंधित जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराई जा रही, जिससे सोसायटी में असंतोष बढ़ रहा है।

शिकायतकर्ता आर.सी. गुप्ता कहते हैं-

निवासियों से लिया गया प्रत्येक रुपया सार्वजनिक धन की तरह होता है। उसका हिसाब देना AOA की जिम्मेदारी है। जब जानकारी मांगे जाने पर चुप्पी साध ली जाए, तो स्वाभाविक रूप से संदेह पैदा होता है।

प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

शिकायतकर्ता ने डिप्टी रजिस्ट्रार से मांग की है कि AOA चुनाव के लिए चुनाव कमेटी के गठन और कार्यप्रणाली की कानूनी जाँच कराई जाए तथा सोसायटी उपविधियों के उल्लंघन की स्थिति में उचित कार्रवाई की जाए। साथ ही निवासियों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की गई है।

इस पर गौरव गुप्ता ने कहा कि-

“हमारा उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि व्यवस्था को सही दिशा में लाना है। यदि नियमों के तहत जांच होती है, तो सच्चाई स्वतः सामने आ जाएगी।”

 

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