February 20, 2026

ग्रेटर नोएडा में बसेंगी ‘जापान सिटी’ और ‘सिंगापुर सिटी’, 500-500 एकड़ भूमि प्रस्तावित!

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यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की बड़ी पहल

NEWS1UP

भूमेश शर्मा

लखनऊ/ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में औद्योगिक निवेश को नई रफ्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने ‘जापान सिटी’ और ‘सिंगापुर सिटी’ के विकास का औपचारिक प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। 18 फरवरी को जारी पत्र में प्राधिकरण ने अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, उत्तर प्रदेश शासन को अवगत कराया कि दोनों परियोजनाओं के लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है और अधिग्रहण की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

मुख्यमंत्री की प्रस्तावित विदेश यात्रा से जुड़ा संदर्भ

सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री की प्रस्तावित जापान और सिंगापुर यात्रा के मद्देनज़र इन विशेष औद्योगिक सिटीज़ के लिए क्षेत्र चिन्हित कर सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में प्राधिकरण ने ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-5ए और सेक्टर-7 को इन परियोजनाओं के लिए प्रस्तावित किया है।

500-500 एकड़ में विकसित होंगी सिटीज़

जापान सिटी: सेक्टर-5ए, ग्रेटर नोएडा – 500 एकड़

सिंगापुर सिटी: सेक्टर-7, ग्रेटर नोएडा – 500 एकड़

दोनों सेक्टर प्राधिकरण की महायोजना में पहले से ही मल्टीपर्पज औद्योगिक क्षेत्र के रूप में नियोजित हैं।

नियोजन के अनुसार-

न्यूनतम 70% क्षेत्र औद्योगिक उपयोग के लिए,

अधिकतम 12% आवासीय,

अधिकतम 13% वाणिज्यिक,

न्यूनतम 5% संस्थागत सुविधाओं के लिए निर्धारित है।

प्राधिकरण का कहना है कि इन क्षेत्रों को एक इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां उद्योग, आवास, वाणिज्य और सामाजिक अधोसंरचना का संतुलित समावेश होगा।

ईपीसी मोड पर होगा विकास

दोनों परियोजनाओं का विकास ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) मोड पर प्रस्तावित है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता, समयबद्धता और लागत नियंत्रण सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया भी शीघ्र प्रारंभ किए जाने की तैयारी है।

निवेश और रोजगार के नए अवसर

विशेषज्ञों का मानना है कि ‘जापान सिटी’ और ‘सिंगापुर सिटी’ जैसी थीम आधारित औद्योगिक परियोजनाएं विदेशी निवेश आकर्षित करने में सहायक होंगी। इससे न केवल वैश्विक कंपनियों को अनुकूल औद्योगिक वातावरण मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन भी संभव होगा।

यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र पहले ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और फिल्म सिटी जैसी परियोजनाओं के कारण निवेशकों के केंद्र में है। अब इन दो अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक सिटीज़ के प्रस्ताव से यह क्षेत्र वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर और मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकता है।

प्राधिकरण का बयान

यीडा सीईओ, आर.के. सिंह

प्राधिकरण के सीईओ आर.के. सिंह ने बताया कि दोनों सिटीज़ के लिए भूमि अधिग्रहण संबंधी योजना तैयार कर ली गई है और शासन की स्वीकृति के बाद आगे की कार्रवाई तेज़ी से की जाएगी।

यदि प्रस्ताव को शीघ्र मंजूरी मिलती है, तो यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास का नया केंद्र बन सकता है। विदेशी निवेश, आधुनिक अधोसंरचना और नियोजित शहरी विकास के साथ यह परियोजना प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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