विधान परिषद में गरजे योगी: कांग्रेस से सबक ले सपा, वरना विधानभवन मुक्त होना पड़ेगा!
एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े लोगों के साथ मारपीट कर रहे सपा कार्यकर्ता: सीएम
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में सोमवार को उस वक्त सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान परिषद में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा प्रहार किया। अपने संबोधन में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस आज परिषद से बाहर हो चुकी है और यदि समाजवादी पार्टी भी “अनर्गल प्रलाप और महापुरुषों के अपमान” की राजनीति करेगी, तो उसका हश्र भी अलग नहीं होगा।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाने पर जनता सम्मान देती है, लेकिन समाज में विद्वेष फैलाने वाली राजनीति प्रदेश के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज “रामराज्य की आधारभूमि” के रूप में नई पहचान बना रहा है और इस यात्रा को बाधित करने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी।

विकास और ‘वन ट्रिलियन डॉलर’ का लक्ष्य
सीएम योगी ने दावा किया कि प्रदेश ने जनकल्याण, निवेश, रोजगार सृजन और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने दोहराया कि प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप 2029-30 तक उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना सरकार का लक्ष्य है। प्रस्तुत बजट को उन्होंने इसी दिशा में निर्णायक कदम बताया।
उन्होंने कहा कि “डबल इंजन सरकार” के समन्वय से प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ हुई है, अपराधियों में भय है, किसानों-युवाओं- महिलाओं में विश्वास बढ़ा है और हर गांव तक बिजली व बुनियादी सुविधाएं पहुंची हैं।
सपा पर संवैधानिक संस्थाओं के अपमान का आरोप
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसके नेता जातीय तनाव और सामाजिक वैमनस्य को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चल रही एसआईआर प्रक्रिया में राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं है, फिर भी सपा इसे लेकर भ्रम फैला रही है।
सीएम ने सदन को बताया कि सत्यापन में 2.88 करोड़ से अधिक नाम अनुपस्थित, मृत या स्थानांतरित पाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले फर्जी मतदान के जरिए ऐसे नामों का दुरुपयोग होता था। फॉर्म-6, 7 और 8 की प्रक्रिया को उन्होंने पारदर्शी व्यवस्था बताया और कहा कि एसआईआर से जुड़े बीएलओ व कर्मचारियों के साथ सपा कार्यकर्ताओं द्वारा दुर्व्यवहार अस्वीकार्य है।
शिक्षा क्षेत्र में बदलाव का दावा
शिक्षा क्षेत्र में सुधार गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने ‘ऑपरेशन कायाकल्प’, अटल आवासीय विद्यालय, सीएम कंपोजिट विद्यालय और प्रोजेक्ट अलंकार जैसी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि हर जनपद में दो सीएम कंपोजिट विद्यालय स्वीकृत किए गए हैं और प्री-प्राइमरी से 12वीं तक एकीकृत कैंपस की दिशा में काम हो रहा है। साथ ही टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से 150 आईटीआई में एआई, ड्रोन और रोबोटिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षण शुरू किया गया है।
