February 20, 2026

India AI Impact Summit 2026: भारत की डिजिटल तकदीर लिखने का मंच!

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15 अरब डॉलर के साथ गूगल की बड़ी बाज़ी

NEWS1UP

भूमेश शर्मा

नई दिल्ली। राजधानी में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 सिर्फ एक टेक कॉन्फ्रेंस नहीं रही, बल्कि यह भारत की डिजिटल नियति तय करने वाला मंच साबित हुआ। दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक Google के सीईओ सुंदर पिचाई ने साफ शब्दों में कहा “भारत की तरक्की में एआई की भूमिका निर्णायक होगी, और गूगल इस यात्रा में भरोसेमंद साझेदार बनने को तैयार है।”

15 अरब डॉलर का दांव: सिर्फ निवेश नहीं, रणनीतिक कब्ज़ा ?

सुंदर पिचाई ने भारत में 15 अरब डॉलर (करीब 1.35 लाख करोड़ रुपये) के निवेश की योजना दोहराई। यह रकम सिर्फ डेटा सेंटर या इंटरनेट स्पीड बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे भारत के डिजिटल इकोसिस्टम में गहरी पैठ बनाने की रणनीति भी दिखती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश भारत को एआई इनोवेशन का ग्लोबल हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है, लेकिन इसके साथ ही डेटा संप्रभुता और डिजिटल आत्मनिर्भरता जैसे सवाल भी उठेंगे।

अमेरिका-इंडिया कनेक्ट: समुद्र के नीचे बिछेगा भविष्य

गूगल ने “अमेरिका-इंडिया कनेक्ट” नाम से नई समुद्री केबल रूट्स की घोषणा की है। यह केबल नेटवर्क भारत और अमेरिका के बीच डेटा ट्रांसफर की गति और क्षमता को कई गुना बढ़ाएगा। इस कदम से क्लाउड सर्विस, एआई मॉडल ट्रेनिंग और रियल-टाइम एप्लिकेशन को मजबूती मिलेगी। तकनीकी जानकारों के मुताबिक, यह केबल भारत को एशिया-प्रशांत क्षेत्र में डिजिटल ट्रैफिक का अहम केंद्र बना सकती है।

विशाखापट्टनम में बनेगा “फुल स्टैक एआई हब”

आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में फुल स्टैक एआई हब स्थापित करने की घोषणा भी इस समिट का बड़ा आकर्षण रही। यह हब रिसर्च, डेवलपमेंट, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप इनक्यूबेशन का संगम होगा। यह संकेत देता है कि भारत अब सिर्फ टेक्नोलॉजी का उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।

एआई सर्टिफिकेट और 70+ भाषाओं में लाइव ट्रांसलेशन

गूगल ने Google DeepMind के साथ मिलकर नया एआई सर्टिफिकेट प्रोग्राम शुरू करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य विज्ञान और शिक्षा में एआई आधारित शोध को बढ़ावा देना है। इसके अलावा 70 से अधिक भाषाओं में लाइव स्पीच-टू-स्पीच ट्रांसलेशन फीचर की घोषणा ने भारत जैसे बहुभाषी देश के लिए नई संभावनाएं खोल दी हैं। यदि यह तकनीक जमीनी स्तर पर सफल होती है, तो शिक्षा, न्याय, स्वास्थ्य और प्रशासन में क्रांतिकारी बदलाव संभव हैं।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड: एआई जिम्मेदारी का संकल्प

समिट के दौरान भारत ने एक नया कीर्तिमान भी स्थापित किया। केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 24 घंटे में 2,50,946 लोगों ने एआई जिम्मेदारी अभियान के तहत संकल्प लेकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। यह अभियान 16 फरवरी को इंडिया एआई मिशन के तहत इंटेल इंडिया के सहयोग से शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य एआई के नैतिक और समावेशी उपयोग को बढ़ावा देना है।

नैतिक एआई बनाम कॉर्पोरेट नियंत्रण: असली बहस

प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में एआई को समाजहित में उपयोग करने की बात जोर-शोर से उठी। लेकिन सवाल यह है कि क्या भारत एआई के क्षेत्र में आत्मनिर्भर मॉडल विकसित कर पाएगा, या फिर वैश्विक टेक दिग्गजों पर निर्भरता बढ़ेगी ? एक तरफ 15 अरब डॉलर का निवेश है, दूसरी तरफ डेटा सुरक्षा, गोपनीयता और रोजगार जैसे मुद्दे। एआई नई नौकरियां पैदा करेगा, लेकिन पारंपरिक क्षेत्रों में रोजगार पर असर भी डालेगा।

भारत एआई महाशक्ति बनने की दहलीज पर

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि आने वाला दशक भारत के लिए “एआई दशक” साबित हो सकता है। सुंदर पिचाई की घोषणाएं और रिकॉर्ड बनाने वाला जिम्मेदारी अभियान, दोनों संकेत देते हैं कि भारत सिर्फ तकनीक का बाजार नहीं, बल्कि नीति, नैतिकता और नवाचार का केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है।

अब असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह निवेश और संकल्प जमीन पर ठोस बदलाव ला पाएंगे, या फिर यह महज कॉर्पोरेट घोषणाओं तक सीमित रह जाएंगे। भारत की डिजिटल किस्मत अब एआई की कोड-लाइन में लिखी जा रही है और दुनिया की निगाहें इस पर टिकी हैं।

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