डांस, जिम और रोज़मर्रा की जिंदगी में बढ़ रहीं अचानक हार्ट फेल की घटनाएं
NEWS1UP
डेस्क
मेघालय के शिलांग संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सांसद रिकी एजे सिंगकॉन का अचानक कार्डियक अरेस्ट से निधन केवल एक राजनीतिक क्षति नहीं है, बल्कि यह हमारे समय की एक गंभीर और चिंताजनक स्वास्थ्य प्रवृत्ति की ओर भी इशारा करता है। 54 वर्षीय सिंगकॉन गुरुवार शाम शिलांग के मावलाई मावियोंग इलाके में दोस्तों के साथ फुटसल खेल रहे थे, तभी वह अचानक मैदान पर गिर पड़े। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने रात करीब 8:45 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट माना जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ रिकी सिंगकॉन (फाइल फोटो)
खेलते-खेलते थम रही सांसें
हाल के वर्षों में ऐसे मामलों में चिंताजनक वृद्धि देखी जा रही है।
कोई जिम में वर्कआउट करते समय गिर पड़ता है,
कोई डांस फ्लोर पर अचानक बेहोश हो जाता है,
कोई मैराथन या क्रिकेट मैच के दौरान दम तोड़ देता है,
तो कोई सामान्य दिनचर्या के बीच ही हृदय गति रुकने का शिकार हो जाता है।
इन घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर आधुनिक जीवनशैली में ऐसा क्या बदल रहा है, जो दिल की सेहत पर भारी पड़ रहा है?
क्या है कार्डियक अरेस्ट ?
कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक को अक्सर एक ही समझ लिया जाता है, जबकि दोनों अलग स्थितियां हैं।
हार्ट अटैक तब होता है जब हृदय तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में रुकावट आ जाती है।
कार्डियक अरेस्ट में हृदय की धड़कन अचानक रुक जाती है, जिससे शरीर में रक्त संचार बंद हो जाता है।
कार्डियक अरेस्ट में कुछ ही मिनटों में व्यक्ति की मृत्यु हो सकती है, यदि तत्काल CPR या डिफिब्रिलेशन न मिले।
क्यों बढ़ रहे हैं ऐसे मामले ?
विशेषज्ञों के अनुसार इसके कई संभावित कारण हो सकते हैं:
बढ़ता तनाव – तेज रफ्तार जीवन, पेशेवर दबाव और मानसिक तनाव हृदय पर असर डालते हैं।
अनियमित जीवनशैली – नींद की कमी, असंतुलित खानपान, धूम्रपान और शराब का सेवन।
अचानक अत्यधिक शारीरिक परिश्रम – बिना नियमित अभ्यास के अचानक हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट।
अनदेखी स्वास्थ्य जांच – कई लोग नियमित हृदय जांच नहीं कराते, जिससे छिपी हुई हृदय समस्याएं सामने नहीं आ पातीं।
कम उम्र में हृदय रोग की प्रवृत्ति – अब 30–40 वर्ष की आयु में भी गंभीर हृदय रोग सामने आ रहे हैं।
समाज के लिए चेतावनी
मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने सिंगकॉन के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए इसे राज्य के लिए बड़ी क्षति बताया। लेकिन यह घटना केवल राजनीतिक शोक तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
यह समाज के लिए एक चेतावनी है कि-
फिट दिखना और फिट होना दो अलग बातें हैं।
नियमित हेल्थ चेकअप अब विकल्प नहीं, आवश्यकता है।
जिम, खेल मैदान और सार्वजनिक स्थलों पर CPR प्रशिक्षण और ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (AED) की उपलब्धता जरूरी होनी चाहिए।
क्या करें सावधानी?
साल में कम से कम एक बार कार्डियक जांच
लिपिड प्रोफाइल, ब्लड प्रेशर और शुगर की नियमित जांच
व्यायाम से पहले मेडिकल सलाह, खासकर 40 वर्ष से अधिक आयु में
अचानक सीने में दर्द, घबराहट, पसीना, सांस फूलना या चक्कर को नजरअंदाज न करें
CPR सीखें, आप किसी की जान बचा सकते हैं
रिकी सिंगकॉन का असमय निधन एक व्यक्तिगत और राजनीतिक क्षति है, लेकिन इससे आगे बढ़कर यह हमारे समय का एक गंभीर स्वास्थ्य संकेत भी है। सवाल यह है कि क्या हम इन लगातार बढ़ती घटनाओं को केवल “दुर्भाग्य” मानकर आगे बढ़ जाएंगे, या इसे जीवनशैली में बदलाव और स्वास्थ्य जागरूकता का अवसर बनाएंगे ?